अपराध
एटा में अवैध मेडिकल स्टोर और नशीली दवाओं पर सख्त कार्रवाई: जिलाधिकारी ने दिए निर्देश
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एटा के जिलाधिकारी एम. अरुन्मोली ने कलेक्ट्रेट सभागार में अभियोजन कार्यों और नारकोटिक्स मामलों की समीक्षा बैठक आयोजित की, जिसमें अवैध मेडिकल स्टोर और नशीली दवाओं के कारोबार पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
एटा के कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी एम. अरुन्मोली की अध्यक्षता में अभियोजन कार्यों एवं नारकोटिक्स से संबंधित मामलों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस, अभियोजन और संबंधित विभागों के अधिकारी, जिनमें अपर पुलिस अधीक्षक अपराध सच्चिदानंद, अभियोजन अधिकारी द्विजेंद्र सिंह और जिला आबकारी अधिकारी अनूप कुमार शामिल थे।
बैठक में जिलाधिकारी ने गंभीर आपराधिक मामलों में प्रभावी पैरवी, गुणवत्तापूर्ण विवेचना और दोषसिद्धि का प्रतिशत बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने न्यायालयों में लंबित महत्वपूर्ण मामलों की नियमित समीक्षा करने, दोषसिद्धि अथवा दोषमुक्ति के मामलों का गहन अध्ययन कर अभियोजन की कमियों को दूर करने और ट्रायल पर चल रहे टॉप‑10 महत्वपूर्ण मामलों की सूची तैयार करने का आदेश दिया।
नारकोटिक्स मामलों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने पुलिस और ड्रग इंस्पेक्टर को संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश दिए। बिना लाइसेंस संचालित मेडिकल स्टोरों, प्रतिबंधित दवाओं और नशीले इंजेक्शनों की अवैध बिक्री करने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने का स्पष्ट आदेश दिया गया।
इसके अलावा विद्यालयों के आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए निरंतर निगरानी रखने और विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने के निर्देश भी दिए गए। गैंगस्टर एक्ट, डकैती एवं अन्य गंभीर अपराधों में पुलिस और अभियोजन अधिकारियों के बीच समन्वय से मजबूत पैरवी सुनिश्चित करने तथा वैज्ञानिक एवं फोरेंसिक साक्ष्यों को समय से न्यायालय में प्रस्तुत करने पर भी विशेष जोर दिया गया।
बैठक में जिलाधिकारी ने गंभीर आपराधिक मामलों में प्रभावी पैरवी, गुणवत्तापूर्ण विवेचना और दोषसिद्धि का प्रतिशत बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने न्यायालयों में लंबित महत्वपूर्ण मामलों की नियमित समीक्षा करने, दोषसिद्धि अथवा दोषमुक्ति के मामलों का गहन अध्ययन कर अभियोजन की कमियों को दूर करने और ट्रायल पर चल रहे टॉप‑10 महत्वपूर्ण मामलों की सूची तैयार करने का आदेश दिया।
नारकोटिक्स मामलों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने पुलिस और ड्रग इंस्पेक्टर को संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश दिए। बिना लाइसेंस संचालित मेडिकल स्टोरों, प्रतिबंधित दवाओं और नशीले इंजेक्शनों की अवैध बिक्री करने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने का स्पष्ट आदेश दिया गया।
इसके अलावा विद्यालयों के आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए निरंतर निगरानी रखने और विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने के निर्देश भी दिए गए। गैंगस्टर एक्ट, डकैती एवं अन्य गंभीर अपराधों में पुलिस और अभियोजन अधिकारियों के बीच समन्वय से मजबूत पैरवी सुनिश्चित करने तथा वैज्ञानिक एवं फोरेंसिक साक्ष्यों को समय से न्यायालय में प्रस्तुत करने पर भी विशेष जोर दिया गया।