एसपी डॉ. संजय कुमार अग्रवाल का मास्टरस्ट्रोक: बुढ़ार को
एसपी डॉ. संजय कुमार अग्रवाल का मास्टरस्ट्रोक: बुढ़ार को मिला जनता का दर्द समझने वाला जाबांज़ अफसर!वर्दी वही, सोच नई! बुढ़ार थाने की कमान संभालते ही टीआई पेंद्रो ने बदल दी मित्र पुलिस की तस्वीर।
बुढ़ार (शहडोल)। पुलिस की कड़क छवि से इतर, जब न्याय की चौखट पर अपनापन और तसल्ली मिलती है, तो कानून पर आम जनता का विश्वास दुगना हो जाता है। शहडोल जिले के बुढ़ार थाने में इन दिनों सकारात्मक बदलाव और जन-सेवा की एक नई बयार बह रही है। अपने कुशल नेतृत्व और संवेदनशील व्यवहार के लिए पहचाने जाने वाले थाना प्रभारी खेम सिंह पेंद्रो की कार्यशैली क्षेत्र में चर्चा और तारीफ का विषय बनी हुई है।
"बात सुनते ही आधा दर्द हो जाता है कम"
बुढ़ार थाने में आने वाले हर पीड़ित और आम नागरिक के लिए टीआई खेम सिंह पेंद्रो के दरवाजे हमेशा खुले रहते हैं। समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुनने और तुरंत निष्पक्ष कार्रवाई करने की उनकी शैली लोगों को बेहद प्रभावित कर रही है। थाने पहुंचे पीड़ितों का कहना है कि “थाना प्रभारी साहब जिस आत्मीयता से हमारी समस्या सुनते हैं, ऐसा लगता है मानो हमारा आधा दर्द तो उनसे बात करके ही दूर हो गया।”
सुरक्षा का अहसास और अपराध पर कड़ा प्रहार
एक तरफ जहां उनका मिलनसार स्वभाव आम नागरिकों को सुरक्षा का अहसास कराता है, वहीं दूसरी तरफ अपराधियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ उनकी सख्त कार्यशैली ने क्षेत्र में शांति और व्यवस्था का माहौल कायम किया है। बुढ़ार की जनता ऐसे जिम्मेदार और संवेदनशील अधिकारी को अपने क्षेत्र में पाकर खुद को सुरक्षित महसूस कर रही है।
एसपी डॉ. संजय कुमार अग्रवाल के नेतृत्व की सराहना
क्षेत्र की जनता और प्रबुद्ध जनों ने इस जन-हितैषी माहौल और उत्कृष्ट पुलिसिंग के लिए शहडोल पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय कुमार अग्रवाल का सहृदय आभार व्यक्त किया है। लोगों का कहना है कि पुलिस कप्तान के कुशल मार्गदर्शन और सही अधिकारियों के चयन से ही आज बुढ़ार में पुलिस और जनता के बीच मैत्रीपूर्ण और विश्वासघात-मुक्त वातावरण तैयार हो सका है।
बुढ़ार पुलिस की यह मानवीय और सकारात्मक पहल न केवल पुलिस विभाग का मान बढ़ा रही है, बल्कि समाज में सुरक्षा और सहयोग की एक बेहतरीन नजीर भी पेश कर रही है।
बुढ़ार (शहडोल)। पुलिस की कड़क छवि से इतर, जब न्याय की चौखट पर अपनापन और तसल्ली मिलती है, तो कानून पर आम जनता का विश्वास दुगना हो जाता है। शहडोल जिले के बुढ़ार थाने में इन दिनों सकारात्मक बदलाव और जन-सेवा की एक नई बयार बह रही है। अपने कुशल नेतृत्व और संवेदनशील व्यवहार के लिए पहचाने जाने वाले थाना प्रभारी खेम सिंह पेंद्रो की कार्यशैली क्षेत्र में चर्चा और तारीफ का विषय बनी हुई है।
"बात सुनते ही आधा दर्द हो जाता है कम"
बुढ़ार थाने में आने वाले हर पीड़ित और आम नागरिक के लिए टीआई खेम सिंह पेंद्रो के दरवाजे हमेशा खुले रहते हैं। समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुनने और तुरंत निष्पक्ष कार्रवाई करने की उनकी शैली लोगों को बेहद प्रभावित कर रही है। थाने पहुंचे पीड़ितों का कहना है कि “थाना प्रभारी साहब जिस आत्मीयता से हमारी समस्या सुनते हैं, ऐसा लगता है मानो हमारा आधा दर्द तो उनसे बात करके ही दूर हो गया।”
सुरक्षा का अहसास और अपराध पर कड़ा प्रहार
एक तरफ जहां उनका मिलनसार स्वभाव आम नागरिकों को सुरक्षा का अहसास कराता है, वहीं दूसरी तरफ अपराधियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ उनकी सख्त कार्यशैली ने क्षेत्र में शांति और व्यवस्था का माहौल कायम किया है। बुढ़ार की जनता ऐसे जिम्मेदार और संवेदनशील अधिकारी को अपने क्षेत्र में पाकर खुद को सुरक्षित महसूस कर रही है।
एसपी डॉ. संजय कुमार अग्रवाल के नेतृत्व की सराहना
क्षेत्र की जनता और प्रबुद्ध जनों ने इस जन-हितैषी माहौल और उत्कृष्ट पुलिसिंग के लिए शहडोल पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय कुमार अग्रवाल का सहृदय आभार व्यक्त किया है। लोगों का कहना है कि पुलिस कप्तान के कुशल मार्गदर्शन और सही अधिकारियों के चयन से ही आज बुढ़ार में पुलिस और जनता के बीच मैत्रीपूर्ण और विश्वासघात-मुक्त वातावरण तैयार हो सका है।
बुढ़ार पुलिस की यह मानवीय और सकारात्मक पहल न केवल पुलिस विभाग का मान बढ़ा रही है, बल्कि समाज में सुरक्षा और सहयोग की एक बेहतरीन नजीर भी पेश कर रही है।