📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Personnel, Public Grievances and Pensi
अपराध
ईओडब्ल्यू की छापेमारी में एमपी के पीडब्ल्यूडी इंजीनियर कमल किशोर सिंगारे की 11 करोड़ से अधिक संपत्ति उजागर
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 04 सित. 2026, 12:02 PM
👁 33
ईओडब्ल्यू ने बालाघाट, छिंदवाड़ा और भोपाल में एक साथ छापेमारी कर पीडब्ल्यूडी कार्यपालन यंत्री कमल किशोर सिंगारे की 11 करोड़ से अधिक की संपत्ति बरामद की, जिससे असंगत संपत्ति मामले की जांच चल रही है।
मध्य प्रदेश की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने बालाघाट, छिंदवाड़ा और भोपाल में पीडब्ल्यूडी कार्यपालन यंत्री कमल किशोर सिंगारे के आवास व कार्यालयों पर एक साथ छापेमारी की। अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई उन सार्वजनिक कर्मचारियों के विरुद्ध चल रहे व्यापक भ्रष्टाचार विरोधी अभियान का हिस्सा है, जिनकी संपत्ति उनके ज्ञात आय से असंगत है।
जांच के दौरान नकद, आभूषण, जमीन के दस्तावेज़ और अन्य मूल्यवान वस्तुएँ बरामद की गईं, जिनकी कुल कीमत 11 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। यह राशि सिंगारे के पीडब्ल्यूडी के पद से प्राप्त घोषित आय से काफी अधिक है।
ईओडब्ल्यू ने असंगत संपत्ति का मामला दर्ज कर उनके वित्तीय रिकॉर्ड की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि कोई गिरफ्तारी हुई है या नहीं, पर जांच अगले हफ्तों में जारी रहेगी।
पीडब्ल्यूडी में वरिष्ठ कार्यपालन यंत्री के रूप में कार्यरत कमल किशोर सिंगारे ने अभी तक इन आरोपों पर कोई टिप्पणी नहीं की है। यह छापेमारी राज्य सरकार की पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देने की नई प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
यह घटना भारत में हाल ही में बढ़ते भ्रष्टाचार विरोधी कदमों में से एक है, जहाँ आर्थिक अपराध शाखाएँ उच्च मूल्य के मामलों को लक्षित कर सार्वजनिक पद के दुरुपयोग को रोकने का प्रयास कर रही हैं।
जांच के दौरान नकद, आभूषण, जमीन के दस्तावेज़ और अन्य मूल्यवान वस्तुएँ बरामद की गईं, जिनकी कुल कीमत 11 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। यह राशि सिंगारे के पीडब्ल्यूडी के पद से प्राप्त घोषित आय से काफी अधिक है।
ईओडब्ल्यू ने असंगत संपत्ति का मामला दर्ज कर उनके वित्तीय रिकॉर्ड की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि कोई गिरफ्तारी हुई है या नहीं, पर जांच अगले हफ्तों में जारी रहेगी।
पीडब्ल्यूडी में वरिष्ठ कार्यपालन यंत्री के रूप में कार्यरत कमल किशोर सिंगारे ने अभी तक इन आरोपों पर कोई टिप्पणी नहीं की है। यह छापेमारी राज्य सरकार की पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देने की नई प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
यह घटना भारत में हाल ही में बढ़ते भ्रष्टाचार विरोधी कदमों में से एक है, जहाँ आर्थिक अपराध शाखाएँ उच्च मूल्य के मामलों को लक्षित कर सार्वजनिक पद के दुरुपयोग को रोकने का प्रयास कर रही हैं।