📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Post of India
अपराध
किशनगंज की डीपीओ रूबी कुमारी के 4 ठिकानों पर ईओयू ने 80% अधिक संपत्ति के आरोप में छापेमारी की
✍️ Amar Ujala · Bihar
🗓 03 नव. 2026, 10:01 AM
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बिहार के किशनगंज में आर्थिक अपराध इकाई ने समग्र शिक्षा अभियान की जिला कार्यक्रम अधिकारी रूबी कुमारी के चार ठिकानों पर छापेमारी की, आय से 80% अधिक संपत्ति रखने का आरोप लगाया।
बिहार की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने किशनगंज जिले में समग्र शिक्षा अभियान की जिला कार्यक्रम अधिकारी रूबी कुमारी से जुड़े चार ठिकानों पर एक समन्वित छापेमारी की। ईओयू ने यह कार्रवाई तब शुरू की जब उन्होंने यह आरोप लगाया कि उनकी कुल संपत्ति उनके घोषित आय से लगभग 80 प्रतिशत अधिक है।
जांच में पता चला है कि कुमारी की आय और उनके नाम पर पंजीकृत संपत्तियों, बैंक बैलेंस और अन्य धरोहरों के बीच बड़ा अंतर है। एजेंसी ने संबंधित स्थानों से दस्तावेज़ जब्त किए और आरोपों की पुष्टि के लिए तलाशी ली।
यह कदम राज्य की सार्वजनिक अधिकारियों, विशेषकर शिक्षा क्षेत्र में, अवैध संपत्ति संचय को रोकने के लिए बढ़ते दबाव को दर्शाता है। कुमारी को आगे की पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है और ईओयू ने कहा है कि फोरेंसिक ऑडिट के परिणाम के आधार पर औपचारिक आरोप लग सकते हैं।
अधिकारियों ने अभी तक संपत्ति की सटीक प्रकृति या मूल्य का खुलासा नहीं किया है, क्योंकि जांच जारी है। यह मामला बिहार में ईओयू द्वारा चलाए जा रहे कई अभियानों में से एक है, जिसका उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
जांच में पता चला है कि कुमारी की आय और उनके नाम पर पंजीकृत संपत्तियों, बैंक बैलेंस और अन्य धरोहरों के बीच बड़ा अंतर है। एजेंसी ने संबंधित स्थानों से दस्तावेज़ जब्त किए और आरोपों की पुष्टि के लिए तलाशी ली।
यह कदम राज्य की सार्वजनिक अधिकारियों, विशेषकर शिक्षा क्षेत्र में, अवैध संपत्ति संचय को रोकने के लिए बढ़ते दबाव को दर्शाता है। कुमारी को आगे की पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है और ईओयू ने कहा है कि फोरेंसिक ऑडिट के परिणाम के आधार पर औपचारिक आरोप लग सकते हैं।
अधिकारियों ने अभी तक संपत्ति की सटीक प्रकृति या मूल्य का खुलासा नहीं किया है, क्योंकि जांच जारी है। यह मामला बिहार में ईओयू द्वारा चलाए जा रहे कई अभियानों में से एक है, जिसका उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है।