📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Rajasekhar1961
अपराध
हैदराबाद के दिलसुखनगर मंदिर में देवता पर लकड़ियाँ फेंकने वाले अभियंता को गिरफ्तार
✍️ Hyderabad Mail
🗓 04 अक्टू. 2026, 06:48 AM
👁 16
हैदराबाद पुलिस ने दिलसुखनगर के एक मंदिर में देवता की मूर्ति पर लकड़ियाँ फेंकने के आरोप में अभियंता को हिरासत में लिया, यह धार्मिक अनुष्ठान में बाधा के रूप में दर्ज किया गया।
हैदराबाद पुलिस ने मंगलवार को 30 वर्षीय सिविल अभियंता को गिरफ्तार किया, जब उसे दिलसुखनगर के एक मंदिर में मुख्य मूर्ति पर लकड़ियाँ फेंकते हुए देखा गया। स्थानीय पुलिस स्टेशन के अधिकारी के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद संदेहित को मंदिर परिसर में ही पकड़ लिया गया।
पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक, अभियंता ने मंदिर के गर्भगृह के पास जाकर कई लकड़ियों को देवता की मूर्ति की ओर फेंका और फिर तुरंत भाग गया। गवाहों ने इस कार्य को जानबूझकर किया गया तोड़‑फोड़ बताया, जिससे पूजा में बाधा उत्पन्न हुई। अभियंता को भारतीय दंड संहिता की धारा के तहत हिरासत में रखा गया है, जो धार्मिक अनुष्ठान में विघटन और तोड़‑फोड़ से संबंधित है।
मंदिर प्रबंधन ने घटना की पुष्टि की, कहा कि मूर्ति को कोई नुकसान नहीं पहुँचा, परन्तु इस कारण भक्तों में हड़कंप मच गया। उन्होंने औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है और जांच में सहयोग दे रहे हैं। अभियंता को अभी तक जमानत नहीं मिली है और मामला आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए अदालत को भेजा जाएगा।
अब तक कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है, और पुलिस ने इस घटना को किसी साम्प्रदायिक या राजनीतिक पहलू से जोड़ने से इनकार किया है। जांच जारी है, और अधिकारियों ने सभी से अपील की है कि वे पवित्र स्थलों का सम्मान करें और ऐसी घटनाओं की सूचना तुरंत दें।
पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक, अभियंता ने मंदिर के गर्भगृह के पास जाकर कई लकड़ियों को देवता की मूर्ति की ओर फेंका और फिर तुरंत भाग गया। गवाहों ने इस कार्य को जानबूझकर किया गया तोड़‑फोड़ बताया, जिससे पूजा में बाधा उत्पन्न हुई। अभियंता को भारतीय दंड संहिता की धारा के तहत हिरासत में रखा गया है, जो धार्मिक अनुष्ठान में विघटन और तोड़‑फोड़ से संबंधित है।
मंदिर प्रबंधन ने घटना की पुष्टि की, कहा कि मूर्ति को कोई नुकसान नहीं पहुँचा, परन्तु इस कारण भक्तों में हड़कंप मच गया। उन्होंने औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है और जांच में सहयोग दे रहे हैं। अभियंता को अभी तक जमानत नहीं मिली है और मामला आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए अदालत को भेजा जाएगा।
अब तक कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है, और पुलिस ने इस घटना को किसी साम्प्रदायिक या राजनीतिक पहलू से जोड़ने से इनकार किया है। जांच जारी है, और अधिकारियों ने सभी से अपील की है कि वे पवित्र स्थलों का सम्मान करें और ऐसी घटनाओं की सूचना तुरंत दें।