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एनटीपीसी ने सड़क चौड़ीकरण का प्रस्ताव भेजा, खर्च उठाने को तैयार; कार्रवाई का इंतजार
एनटीपीसी प्रबंधन ने केरेडारी के लावण्या मोड़ से आम्रपाली तक सड़क चौड़ीकरण का प्रस्ताव दिया है, जिसमें पूरा खर्च उठाने की पेशकश की गई है। हालांकि, प्रस्ताव भेजे जाने के एक माह बाद भी विभाग की ओर से ठोस पहल नहीं हुई है।
कोयला ढुलाई के दौरान लगने वाले जाम और आम लोगों की आवागमन संबंधी परेशानियों को दूर करने के लिए एनटीपीसी प्रबंधन ने केरेडारी के लावण्या मोड़ से आम्रपाली तक सड़क चौड़ीकरण का प्रस्ताव दिया है। प्रस्ताव के अनुसार, सड़क चौड़ीकरण पर होने वाला खर्च एनटीपीसी प्रबंधन उठाने को तैयार है। इसके बावजूद, जानकारी के अनुसार, प्रस्ताव भेजे जाने के करीब एक माह बाद भी पथ निर्माण विभाग की ओर से ठोस पहल नहीं हुई है।
केरेडारी के लावण्या मोड़ से आम्रपाली तक का मार्ग कोयला परिवहन के लिहाज से महत्वपूर्ण है। सड़क संकरी और जर्जर होने के कारण ट्रकों और हाइवा की आवाजाही के दौरान अक्सर जाम की स्थिति बनती है। इससे कोयला ढुलाई प्रभावित होने के साथ-साथ स्थानीय लोगों और आम राहगीरों को भी परेशानी होती है।
मिली जानकारी के अनुसार, एनटीपीसी केरेडारी, चट्टी-बारियातू कोल माइंस और करणपुरा प्लांट प्रबंधन ने संयुक्त रूप से सड़क चौड़ीकरण का प्रस्ताव हजारीबाग एवं चतरा जिला प्रशासन को भेजा है। इस पहल का उद्देश्य भारी वाहनों की आवाजाही सुगम बनाना और जाम की समस्या से राहत दिलाना है। एनटीपीसी प्रबंधन ने इस संबंध में चतरा सांसद कालीचरण सिंह को भी जानकारी दी है।
प्रस्ताव दिए जाने के करीब एक माह बाद भी सड़क चौड़ीकरण की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं होने से इसकी प्रक्रिया आगे बढ़ने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। जब निर्माण का खर्च उठाने के लिए एनटीपीसी प्रबंधन तैयार है, तो अब संबंधित प्रशासन और पथ निर्माण विभाग की पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
केरेडारी के लावण्या मोड़ से आम्रपाली तक का मार्ग कोयला परिवहन के लिहाज से महत्वपूर्ण है। सड़क संकरी और जर्जर होने के कारण ट्रकों और हाइवा की आवाजाही के दौरान अक्सर जाम की स्थिति बनती है। इससे कोयला ढुलाई प्रभावित होने के साथ-साथ स्थानीय लोगों और आम राहगीरों को भी परेशानी होती है।
मिली जानकारी के अनुसार, एनटीपीसी केरेडारी, चट्टी-बारियातू कोल माइंस और करणपुरा प्लांट प्रबंधन ने संयुक्त रूप से सड़क चौड़ीकरण का प्रस्ताव हजारीबाग एवं चतरा जिला प्रशासन को भेजा है। इस पहल का उद्देश्य भारी वाहनों की आवाजाही सुगम बनाना और जाम की समस्या से राहत दिलाना है। एनटीपीसी प्रबंधन ने इस संबंध में चतरा सांसद कालीचरण सिंह को भी जानकारी दी है।
प्रस्ताव दिए जाने के करीब एक माह बाद भी सड़क चौड़ीकरण की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं होने से इसकी प्रक्रिया आगे बढ़ने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। जब निर्माण का खर्च उठाने के लिए एनटीपीसी प्रबंधन तैयार है, तो अब संबंधित प्रशासन और पथ निर्माण विभाग की पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है।