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10 Oct 2026•
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एनटीपीसी खनन परियोजना: आठ बिरहोरों की मौत, एनएचआरसी ने हजारीबाग डीसी से मांगी रिपोर्ट

✍️ Reporter: Akash Bharti 🗓 10 Oct 2026, 08:06 AM 👁 14
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राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने केरेडारी में एनटीपीसी की खनन परियोजना से बिरहोर समुदाय के अस्तित्व पर मंडरा रहे खतरे पर संज्ञान लिया है। आयोग ने आठ बिरहोरों की मौत और पुनर्वास में देरी पर चिंता जताते हुए हजारीबाग के उपायुक्त से 1 नवंबर तक अंतिम रिपोर्ट मांगी है।

हजारीबाग: केरेडारी क्षेत्र में एनटीपीसी की खनन परियोजना के कारण बिरहोर समुदाय के अस्तित्व पर मंडरा रहे खतरे का मामला अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) तक पहुंच गया है। बिरहोर समुदाय के लोगों की मौत और पुनर्वास में देरी को गंभीरता से लेते हुए आयोग ने सख्त रुख अपनाया है और हजारीबाग के उपायुक्त (डीसी) से जवाब-तलब किया है। दो बिरहोरों की मौत के मामले में मांगी गई रिपोर्ट में अब तक कुल आठ बिरहोरों की मौत होने का खुलासा हुआ है, जिससे प्रभावित समुदाय की सुरक्षा और पुनर्वास को लेकर चिंता बढ़ गई है।

आयोग ने इस बात पर भी चिंता जताई है कि जांच समिति की चेतावनी के बावजूद खनन गतिविधियां जारी हैं, जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि खनन को लोगों के जीवन से अधिक प्राथमिकता दी जा रही है। पुनर्वास की प्रक्रिया पूरी करने के लिए संबंधित प्रशासनिक स्तर पर 18 महीने का अतिरिक्त समय मांगा गया था, लेकिन समय-सीमा समाप्त होने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो सका है।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मामले में हजारीबाग के उपायुक्त को 1 नवंबर तक अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करने की समय-सीमा दी है। इस रिपोर्ट से मामले की वास्तविक स्थिति, पुनर्वास में हुई देरी और प्रभावित बिरहोर परिवारों के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी सामने आने की उम्मीद है। बिरहोर समुदाय की सुरक्षा और पुनर्वास पर सबकी निगाहें टिकी हैं, क्योंकि यह मामला आदिवासी समुदायों के अधिकारों और संरक्षण से जुड़ा एक महत्वपूर्ण विषय बन गया है।
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