एनएफआर (निर्माण) के महाप्रबंधक ने असम के माननीय मुख्यमंत्री से मुलाकात कर प्रमुख रेल अवसंरचनात्मक परियोजनाओं पर चर्चा की
एनएफआर (निर्माण) के महाप्रबंधक ने असम के माननीय मुख्यमंत्री से मुलाकात कर प्रमुख रेल अवसंरचनात्मक परियोजनाओं पर चर्चा की
एनएफआर (निर्माण) के महाप्रबंधक ने असम के माननीय मुख्यमंत्री से मुलाकात कर
प्रमुख रेल अवसंरचनात्मक परियोजनाओं पर चर्चा की
मालीगांव, 5 नवंबर, 2026:
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (निर्माण) के महाप्रबंधक श्री आशीष बंसल ने 4 नवंबर, 2026 को असम के माननीय मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिश्व शर्मा से मुलाकात की। इस दौरान, श्री बंसल ने पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (निर्माण) की ओर से मुख्यमंत्री राहत कोष, असम को 13,63,205 रुपये का चेक प्रदान किया। यह राशि जून और जुलाई 2026 में राज्य में आई बाढ़ से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए प्रदान की गई। यह योगदान कठिन समय में इस क्षेत्र के लोगों की मदद करने के प्रति पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (निर्माण) की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
बातचीत के दौरान, श्री बंसल ने माननीय मुख्यमंत्री को पूर्वोत्तर क्षेत्र में पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (निर्माण) द्वारा किए जा रहे विभिन्न रेल अवसंरचनात्मक परियोजनाओं और सर्वेक्षणों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने रेल विकास की उन महत्वपूर्ण पहलों की प्रगति पर प्रकाश डाला, जिनका उद्देश्य कनेक्टिविटी को मजबूत करना, परिवहन संबंधी बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाना और क्षेत्रीय विकास में तेजी लाना है।
श्री बंसल ने कुछ ऐसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा की, जिनके लिए राज्य सरकार के सहयोग और समर्थन की आवश्यकता है, ताकि रेलवे की अहम परियोजनाओं को सुचारू रूप से और समय पर पूरा किया जा सके। इनमें द्वितीय सरायघाट पुल के निर्माण में रूकावट बन रहे अतिक्रमण को हटाने में सहयोग और लामडिंग-फरकाटिंग दोहरी लाइन परियोजना तथा कामाख्या-गुवाहाटी तीसरी लाइन परियोजना जैसी प्रमुख मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं के लिए भूमि की उपलब्धता और उससे जुड़ा अन्य कार्य शामिल है।
इसके अलावा, श्री बंसल ने प्रस्तावित कोकराझार-गेलेफू नई रेल लाइन परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी लाने हेतु राज्य सरकार से सहयोग मांगा। यह परियोजना इस क्षेत्र के लिए कनेक्टिविटी बढ़ाने में काफी महत्वपूर्ण है।
इस बैठक में रेलवे और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय और सहयोग के महत्व पर जोर दिया गया, ताकि परियोजनाओं को लागू करने में आने वाली चुनौतियों से निपटा जा सके और रेलवे के प्रमुख बुनियादी ढांचा कार्यों को समय पर पूरा किया जा सके। इस तरह के संयुक्त प्रयासों से रेल कनेक्टिविटी और अधिक मजबूत होगी, परिवहन सुविधाओं में सुधार आएगा और असम तथा पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।
प्रमुख रेल अवसंरचनात्मक परियोजनाओं पर चर्चा की
मालीगांव, 5 नवंबर, 2026:
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (निर्माण) के महाप्रबंधक श्री आशीष बंसल ने 4 नवंबर, 2026 को असम के माननीय मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिश्व शर्मा से मुलाकात की। इस दौरान, श्री बंसल ने पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (निर्माण) की ओर से मुख्यमंत्री राहत कोष, असम को 13,63,205 रुपये का चेक प्रदान किया। यह राशि जून और जुलाई 2026 में राज्य में आई बाढ़ से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए प्रदान की गई। यह योगदान कठिन समय में इस क्षेत्र के लोगों की मदद करने के प्रति पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (निर्माण) की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
बातचीत के दौरान, श्री बंसल ने माननीय मुख्यमंत्री को पूर्वोत्तर क्षेत्र में पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (निर्माण) द्वारा किए जा रहे विभिन्न रेल अवसंरचनात्मक परियोजनाओं और सर्वेक्षणों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने रेल विकास की उन महत्वपूर्ण पहलों की प्रगति पर प्रकाश डाला, जिनका उद्देश्य कनेक्टिविटी को मजबूत करना, परिवहन संबंधी बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाना और क्षेत्रीय विकास में तेजी लाना है।
श्री बंसल ने कुछ ऐसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा की, जिनके लिए राज्य सरकार के सहयोग और समर्थन की आवश्यकता है, ताकि रेलवे की अहम परियोजनाओं को सुचारू रूप से और समय पर पूरा किया जा सके। इनमें द्वितीय सरायघाट पुल के निर्माण में रूकावट बन रहे अतिक्रमण को हटाने में सहयोग और लामडिंग-फरकाटिंग दोहरी लाइन परियोजना तथा कामाख्या-गुवाहाटी तीसरी लाइन परियोजना जैसी प्रमुख मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं के लिए भूमि की उपलब्धता और उससे जुड़ा अन्य कार्य शामिल है।
इसके अलावा, श्री बंसल ने प्रस्तावित कोकराझार-गेलेफू नई रेल लाइन परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी लाने हेतु राज्य सरकार से सहयोग मांगा। यह परियोजना इस क्षेत्र के लिए कनेक्टिविटी बढ़ाने में काफी महत्वपूर्ण है।
इस बैठक में रेलवे और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय और सहयोग के महत्व पर जोर दिया गया, ताकि परियोजनाओं को लागू करने में आने वाली चुनौतियों से निपटा जा सके और रेलवे के प्रमुख बुनियादी ढांचा कार्यों को समय पर पूरा किया जा सके। इस तरह के संयुक्त प्रयासों से रेल कनेक्टिविटी और अधिक मजबूत होगी, परिवहन सुविधाओं में सुधार आएगा और असम तथा पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।