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एम्स भोपाल में सातवाँ अंगदान, बिलाश टांटी शर्मा की दान से तीन मरीजों को नई जिंदगी
एम्स भोपाल में इस वर्ष का पाँचवाँ अंगदान पूरा हुआ, जिसमें नर्मदापुरम की बिलाश टांटी शर्मा के अंगों से तीन मरीजों को नई आशा मिली।
एम्स भोपाल में आज (15 अक्टूबर 2026) इस वर्ष का पाँचवाँ अंगदान पूरा हुआ, जिसमें नर्मदापुरम की बिलाश टांटी शर्मा (उर्फ शिवानी) के अंगों से तीन मरीजों को नई जिंदगी मिली।
बिलाश टांटी शर्मा 10 अक्टूबर को नवरात्र में माँ सलकनपुर के दर्शन के लिए निकली थीं। रास्ते में सड़क हादसे में उनके सिर पर गंभीर चोट आई, और 14 अक्टूबर 2026 को उन्हें ब्रेन‑स्टेम डेड घोषित किया गया।
परिजनों ने अपनों को खोने के असहनीय दुख के बीच अंगदान का निर्णय लिया। आवश्यक चिकित्सकीय प्रक्रिया और सहमति के बाद 15 अक्टूबर 2026 को अंगदान पूरा हुआ।
एक किडनी एम्स भोपाल में सफलतापूर्वक प्रत्यारोपित की गई, जबकि दूसरी किडनी और लिवर को प्राथमिकता के आधार पर भोपाल के बंसल अस्पताल में प्रत्यारोपित किया गया।
इस साधारण ग्रामीण और मजदूर परिवार के निर्णय से तीन अन्य परिवारों के जीवन में उम्मीद की किरण पहुँची, और यह मानवता की मिसाल बनकर सामने आया।
बिलाश टांटी शर्मा 10 अक्टूबर को नवरात्र में माँ सलकनपुर के दर्शन के लिए निकली थीं। रास्ते में सड़क हादसे में उनके सिर पर गंभीर चोट आई, और 14 अक्टूबर 2026 को उन्हें ब्रेन‑स्टेम डेड घोषित किया गया।
परिजनों ने अपनों को खोने के असहनीय दुख के बीच अंगदान का निर्णय लिया। आवश्यक चिकित्सकीय प्रक्रिया और सहमति के बाद 15 अक्टूबर 2026 को अंगदान पूरा हुआ।
एक किडनी एम्स भोपाल में सफलतापूर्वक प्रत्यारोपित की गई, जबकि दूसरी किडनी और लिवर को प्राथमिकता के आधार पर भोपाल के बंसल अस्पताल में प्रत्यारोपित किया गया।
इस साधारण ग्रामीण और मजदूर परिवार के निर्णय से तीन अन्य परिवारों के जीवन में उम्मीद की किरण पहुँची, और यह मानवता की मिसाल बनकर सामने आया।