📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Donvikro
जीवनशैली
शिलॉन्ग उत्सव में 11 मेघालय गांवों की जीवित धरोहर प्रदर्शनी, 3-4 नवंबर
✍️ Hub News
🗓 30 अक्टू. 2026, 05:31 AM
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मेघालय के ग्यारह गांव शिलॉन्ग उत्सव में 3‑4 नवंबर को अपनी जीवित धरोहर प्रस्तुत करेंगे।
शिलॉन्ग, मेघालय – 3 और 4 नवंबर को आयोजित होने वाले शिलॉन्ग उत्सव में मेघालय के ग्यारह गांव अपनी जीवित धरोहर प्रस्तुत करेंगे। प्रत्येक समुदाय अपने पारंपरिक शिल्प, संगीत, नृत्य और पाक कला को दर्शाएगा, जो पीढ़ी दर पीढ़ी संजोए गए हैं।
इन गांवों को उनकी विशिष्ट सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों के आधार पर चुना गया है, जैसे जैंटिया हिल्स में बांस बुनाई और गारो हिल्स में लोक ड्रम समूह। दर्शक कारीगरों को काम करते देख सकते हैं, स्थानीय भोजन का स्वाद ले सकते हैं और परम्पराओं के संरक्षकों से सीधे संवाद कर सकते हैं।
उत्सव के आयोजकों का कहना है कि यह पहल सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने और आधुनिकता के दबाव में धूमिल हो रही अमूर्त धरोहर को संरक्षित करने के लिए है। स्थानीय लोगों और पर्यटकों दोनों की उपस्थिति की उम्मीद है, जिससे गांवों को व्यापक पहचान और आर्थिक सहायता मिलेगी।
जीवित धरोहर प्रदर्शन का आयोजन उत्सव के मुख्य स्थल पर दो दिन की कार्यक्रमसूची के अनुसार किया जाएगा, जिसमें विभिन्न प्रदर्शन और कार्यशालाएँ शामिल होंगी।
इन गांवों को उनकी विशिष्ट सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों के आधार पर चुना गया है, जैसे जैंटिया हिल्स में बांस बुनाई और गारो हिल्स में लोक ड्रम समूह। दर्शक कारीगरों को काम करते देख सकते हैं, स्थानीय भोजन का स्वाद ले सकते हैं और परम्पराओं के संरक्षकों से सीधे संवाद कर सकते हैं।
उत्सव के आयोजकों का कहना है कि यह पहल सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने और आधुनिकता के दबाव में धूमिल हो रही अमूर्त धरोहर को संरक्षित करने के लिए है। स्थानीय लोगों और पर्यटकों दोनों की उपस्थिति की उम्मीद है, जिससे गांवों को व्यापक पहचान और आर्थिक सहायता मिलेगी।
जीवित धरोहर प्रदर्शन का आयोजन उत्सव के मुख्य स्थल पर दो दिन की कार्यक्रमसूची के अनुसार किया जाएगा, जिसमें विभिन्न प्रदर्शन और कार्यशालाएँ शामिल होंगी।