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14 अक्टू. 2026•
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वायरल दावे के पीछे: दुर्गा पूजा की उत्पत्ति बंगाल, न कि बिहार
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Snehabarman02
धर्म

वायरल दावे के पीछे: दुर्गा पूजा की उत्पत्ति बंगाल, न कि बिहार

✍️ News18 🗓 14 अक्टू. 2026, 03:46 AM 👁 13
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सोशल मीडिया पर फैले इस दावे की जांच में इतिहासकारों ने पुष्टि की कि दुर्गा पूजा की जड़ें बंगाल में हैं, बिहार में नहीं।

सोशल मीडिया पर यह दावा वायरल हुआ कि दुर्गा पूजा की उत्पत्ति बिहार में हुई, जबकि आम तौर पर इसे बंगाल से जोड़ा जाता है। कई लोकप्रिय खातों ने इस पोस्ट को साझा किया, जिससे नेटिज़नों में इस त्यौहार के इतिहास को लेकर सवाल उठे।

इतिहासकारों और सांस्कृतिक विद्वानों का कहना है कि मध्यकालीन बंगाल में दुर्गा पूजा के दस्तावेज़ी प्रमाण मिलते हैं, जहाँ बड़े पैमाने पर मूर्ति पूजा और पंडाल की परंपरा स्थापित हुई। साहित्यिक उल्लेख, मंदिर शिलालेख और उपनिवेशकालीन यात्रियों की रचनाएँ सभी इस बात की पुष्टि करती हैं कि प्रारम्भिक बड़े समारोह वर्तमान पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के क्षेत्रों में हुए थे।

बिहार में भी दुर्गा पूजा मनाई जाती है, विशेषकर उन जिलों में जहाँ बड़ी बंगाली आबादी रहती है, पर ये बाद में बंगाल की परंपरा का अपनाया हुआ रूप हैं। इस वायरल दावे की जड़ें क्षेत्रीय विविधताओं की गलत व्याख्या में निहित प्रतीत होती हैं, न कि किसी मूलभूत ऐतिहासिक स्रोत में।

तथ्य‑जांच एजेंसियों ने इस निष्कर्ष पर पहुँचा है कि बिहार को मूल स्थल बताने वाला दावा विद्वतापूर्ण समर्थन से रहित है। यह घटना यह दर्शाती है कि सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण घटनाओं के बारे में अनजाने में गलत जानकारी कितनी तेजी से फैल सकती है।

सांस्कृतिक संस्थाएँ और प्राधिकारी सटीक ऐतिहासिक जागरूकता को बढ़ावा देते हुए जनता से अनुरोध कर रहे हैं कि वे विरासत‑त्यौहारों पर चर्चा करते समय प्रमाणित शैक्षणिक स्रोतों को देखें।
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