📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Maskaravivek
स्थानीय
बिगुसराय में 8 अंचलाधिकारियों के वेतन पर रोक, डीएम रिची पाण्डेय ने मांगा स्पष्टीकरण
✍️ Amar Ujala · Bihar
🗓 10 अक्टू. 2026, 10:01 PM
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जिला मजिस्ट्रेट रिची पाण्डेय ने राजस्व कार्यों में लापरवाही और लंबित मामलों के कारण बिगुसराय के 8 अंचलाधिकारियों के वेतन पर रोक लगा दी।
बिगुसराय के जिला मजिस्ट्रेट रिची पाण्डेय ने मंगलवार को आठ अंचलाधिकारियों के वेतन निकासी पर रोक लगाने का आदेश दिया, साथ ही उनके कार्य प्रदर्शन पर स्पष्टीकरण मांगा। यह कदम राजस्व कार्यों में लापरवाही, पर्चा अपलोड में देरी और 1,194 दाखिल‑खारिज मामलों के लंबित बैकलॉग की जांच के बाद उठाया गया।
डीएम ने अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने को कहा और आगे की लापरवाही पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई का संकेत दिया। वेतन रोक तब तक जारी रहेगी जब तक संतोषजनक जवाब नहीं मिलते और लंबित मामलों का निपटारा नहीं हो जाता।
जिला प्रशासन ने सभी कर्मचारियों से अनुरोध किया है कि वे बकाया कागजी कार्य को शीघ्रता से पूरा करें और ऑनलाइन पोर्टल पर पर्चा अपडेट करने में देरी न रखें, जिससे राजस्व सेवाओं की कार्यक्षमता में सुधार हो सके।
यह निर्णय उत्तर प्रदेश में राजस्व अधिकारियों की जवाबदेही को सुदृढ़ करने और प्रक्रियात्मक देरी को समाप्त करने की दिशा में प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
स्थानीय हितधारक इस कदम की निगरानी करेंगे, क्योंकि यह कार्रवाई बिहार भर में राजस्व अधिकारियों पर कड़ी निगरानी का उदाहरण स्थापित करती है।
डीएम ने अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने को कहा और आगे की लापरवाही पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई का संकेत दिया। वेतन रोक तब तक जारी रहेगी जब तक संतोषजनक जवाब नहीं मिलते और लंबित मामलों का निपटारा नहीं हो जाता।
जिला प्रशासन ने सभी कर्मचारियों से अनुरोध किया है कि वे बकाया कागजी कार्य को शीघ्रता से पूरा करें और ऑनलाइन पोर्टल पर पर्चा अपडेट करने में देरी न रखें, जिससे राजस्व सेवाओं की कार्यक्षमता में सुधार हो सके।
यह निर्णय उत्तर प्रदेश में राजस्व अधिकारियों की जवाबदेही को सुदृढ़ करने और प्रक्रियात्मक देरी को समाप्त करने की दिशा में प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
स्थानीय हितधारक इस कदम की निगरानी करेंगे, क्योंकि यह कार्रवाई बिहार भर में राजस्व अधिकारियों पर कड़ी निगरानी का उदाहरण स्थापित करती है।