📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Information and Broadcasting
राजनीति
डीके शिवाकुमार ने मेटा चश्मे से केरल सीएम पर स्टिंग ऑपरेशन का आरोप लगाया
✍️ India Today
🗓 23 अक्टू. 2026, 02:34 PM
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कर्नाटक के मंत्री डीके शिवाकुमार ने कहा कि मेटा स्मार्ट चश्मे से केरल सीएम पर एक गुप्त स्टिंग ऑपरेशन किया गया, जिससे राजनीतिक बहस छिड़ गई।
कर्नाटक के वरिष्ठ मंत्री डीके शिवाकुमार ने सार्वजनिक रूप से कहा कि एक गुप्त स्टिंग ऑपरेशन उनके और केरल के मुख्यमंत्री को लक्षित कर रहा था, जिसमें मेटा ब्रांडेड स्मार्ट चश्मे का उपयोग करके बातचीत रिकॉर्ड करने की कोशिश की गई। शिवाकुमार ने बताया कि इस प्रयास से संवेदनशील जानकारी हासिल करने की कोशिश की गई, जिससे यह संकेत मिलता है कि यह एक संगठित योजना थी।
उन्होंने यह बयान प्रेस ब्रीफ़िंग में दिया, जबकि आरोपियों की पहचान नहीं बताई। वह कहते हैं कि ऐसी किसी भी तरह की घुसपैठ लोकतांत्रिक सिद्धांतों का उल्लंघन है और भारतीय कानून के तहत आपराधिक कृत्य हो सकता है।
केरल के अधिकारियों ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है और इस स्टिंग के किसी भी स्वतंत्र सत्यापन का अभी तक कोई प्रमाण नहीं मिला है। कानून प्रवर्तन एजेंसियों से इस मामले की जांच करने की मांग की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कोई अवैध निगरानी हुई है या नहीं।
यह आरोप राज्य स्तर पर राजनीतिक तनाव को और बढ़ा रहा है, दोनों पक्षों ने तकनीक के दुरुपयोग के खिलाफ चेतावनी दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि मेटा चश्मे का उल्लेख भारतीय राजनीति में पहनने योग्य तकनीक के दुरुपयोग और निजता संबंधी चिंताओं को उजागर करता है।
जांच जारी है और अधिकारियों द्वारा इस दावे और संबंधित साक्ष्यों की जांच के बाद आगे की जानकारी मिलने की उम्मीद है।
उन्होंने यह बयान प्रेस ब्रीफ़िंग में दिया, जबकि आरोपियों की पहचान नहीं बताई। वह कहते हैं कि ऐसी किसी भी तरह की घुसपैठ लोकतांत्रिक सिद्धांतों का उल्लंघन है और भारतीय कानून के तहत आपराधिक कृत्य हो सकता है।
केरल के अधिकारियों ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है और इस स्टिंग के किसी भी स्वतंत्र सत्यापन का अभी तक कोई प्रमाण नहीं मिला है। कानून प्रवर्तन एजेंसियों से इस मामले की जांच करने की मांग की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कोई अवैध निगरानी हुई है या नहीं।
यह आरोप राज्य स्तर पर राजनीतिक तनाव को और बढ़ा रहा है, दोनों पक्षों ने तकनीक के दुरुपयोग के खिलाफ चेतावनी दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि मेटा चश्मे का उल्लेख भारतीय राजनीति में पहनने योग्य तकनीक के दुरुपयोग और निजता संबंधी चिंताओं को उजागर करता है।
जांच जारी है और अधिकारियों द्वारा इस दावे और संबंधित साक्ष्यों की जांच के बाद आगे की जानकारी मिलने की उम्मीद है।