📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / David Davies from Birmingham, UK
धर्म
दीपावली 2026: लक्ष्मी‑गणेश पूजा का सही समय – विशेषज्ञों ने चर्चा की
✍️ Amar Ujala · Gaya
🗓 08 नव. 2026, 08:20 AM
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दीपावली 2026 के आगमन के साथ, पूरे भारत में भक्त लक्ष्मी‑गणेश पूजा के सही समय को लेकर उत्सुक हैं, ताकि धन और समृद्धि प्राप्त हो सके।
दीपावली 2026 का आगमन तेज़ी से हो रहा है, और पूरे देश में घरों में रोशनी के त्योहार की तैयारियाँ चल रही हैं। इन तैयारियों का मुख्य केंद्र लक्ष्मी‑गणेश पूजा है, जिसे कई लोग समृद्धि और बाधाओं को दूर करने की कुंजी मानते हैं।
इस वर्ष का मुख्य विषय पूजा के लिए सबसे शुभ समय का निर्धारण है। पारंपरिक रूप से यह समारोह शाम को किया जाता है, परंतु भक्त ग्रहों की अनुकूल स्थिति के अनुसार एक विशिष्ट समय चुनने के लिए ज्योतिषियों और धार्मिक विद्वानों से सलाह ले रहे हैं।
सही समय पर पूजा करने से उसके प्रभाव को बढ़ाया जा सकता है, जिससे लक्ष्मी माता और गणेश जी की आशीषें प्राप्त होती हैं। इस अनुष्ठान में दीप जलाना, मिठाई अर्पित करना और मंत्रों का जाप करना शामिल है, जो धन और सफलता को आकर्षित करने के लिए किया जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पूजा सूर्यास्त के बाद परंतु रात के अंधेरे से पहले की जानी चाहिए, ताकि घर की ऊर्जा ब्रह्मांडीय लय के साथ समन्वित रहे। जैसे-जैसे तिथि नज़दीक आती है, समुदाय परिवारों को उनके उपासना के लिए सर्वोत्तम समय चुनने में मदद करने के लिए मार्गदर्शन सत्र आयोजित कर रहे हैं।
इस वर्ष का मुख्य विषय पूजा के लिए सबसे शुभ समय का निर्धारण है। पारंपरिक रूप से यह समारोह शाम को किया जाता है, परंतु भक्त ग्रहों की अनुकूल स्थिति के अनुसार एक विशिष्ट समय चुनने के लिए ज्योतिषियों और धार्मिक विद्वानों से सलाह ले रहे हैं।
सही समय पर पूजा करने से उसके प्रभाव को बढ़ाया जा सकता है, जिससे लक्ष्मी माता और गणेश जी की आशीषें प्राप्त होती हैं। इस अनुष्ठान में दीप जलाना, मिठाई अर्पित करना और मंत्रों का जाप करना शामिल है, जो धन और सफलता को आकर्षित करने के लिए किया जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पूजा सूर्यास्त के बाद परंतु रात के अंधेरे से पहले की जानी चाहिए, ताकि घर की ऊर्जा ब्रह्मांडीय लय के साथ समन्वित रहे। जैसे-जैसे तिथि नज़दीक आती है, समुदाय परिवारों को उनके उपासना के लिए सर्वोत्तम समय चुनने में मदद करने के लिए मार्गदर्शन सत्र आयोजित कर रहे हैं।