📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Anchal lilhare
धर्म
उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती का दिव्य नजारा, चांदी का मुकुट और मुंड माला से सजा महाकाल
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 01 सित. 2026, 08:34 AM
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मंगलवार सुबह उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल का पंचामृत पूजन‑अभिषेक किया गया, फिर उन्हें चांदी का मुकुट, मुंड माला, त्रिनेत्र और सूर्य‑चंद्रमा के शृंगार से सजाया गया।
उज्जैन के विश्व‑प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में मंगलवार सुबह भस्म आरती का आयोजन हुआ, जिसमें पवित्र अग्नि की राख का प्रयोग किया गया। इस दौरान पुजारियों ने बाबा महाकाल का पंचामृत पूजन‑अभिषेक किया, जिसमें पाँच पवित्र पदार्थों का मिश्रण प्रस्तुत किया गया।
अभिषेक के बाद देवता को भव्य शृंगार से सजा गया। चांदी का मुकुट सिर पर रखा गया, साथ ही मुंड माला और त्रिनेत्र का शृंगार किया गया। सूर्य‑चंद्रमा के प्रतीक भी जोड़कर कुल मिलाकर एक आकर्षक रूप तैयार किया गया।
इस आयोजन में बड़ी संख्या में भक्त उपस्थित रहे, जिन्होंने इस अनुष्ठान और शृंगार को देखा। मंदिर प्रबंधन ने बताया कि यह सजावट महाकाल को सम्मानित करने की वार्षिक परम्परा का हिस्सा है, जो प्रमुख धार्मिक अवसरों पर की जाती है।
कोई चोट या व्यवधान नहीं हुआ, और कार्यक्रम मंदिर के निर्धारित समयानुसार संपन्न हुआ। प्रबंधन ने कहा कि दिन भर नियमित आरती सेवाएँ जारी रहेंगी।
महाकालेश्वर मंदिर, मध्य प्रदेश का एक प्रमुख तीर्थस्थल, शैव धर्म के अनुयायियों के लिए महत्वपूर्ण आकर्षण बना हुआ है, जो पूरे देश से श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है।
अभिषेक के बाद देवता को भव्य शृंगार से सजा गया। चांदी का मुकुट सिर पर रखा गया, साथ ही मुंड माला और त्रिनेत्र का शृंगार किया गया। सूर्य‑चंद्रमा के प्रतीक भी जोड़कर कुल मिलाकर एक आकर्षक रूप तैयार किया गया।
इस आयोजन में बड़ी संख्या में भक्त उपस्थित रहे, जिन्होंने इस अनुष्ठान और शृंगार को देखा। मंदिर प्रबंधन ने बताया कि यह सजावट महाकाल को सम्मानित करने की वार्षिक परम्परा का हिस्सा है, जो प्रमुख धार्मिक अवसरों पर की जाती है।
कोई चोट या व्यवधान नहीं हुआ, और कार्यक्रम मंदिर के निर्धारित समयानुसार संपन्न हुआ। प्रबंधन ने कहा कि दिन भर नियमित आरती सेवाएँ जारी रहेंगी।
महाकालेश्वर मंदिर, मध्य प्रदेश का एक प्रमुख तीर्थस्थल, शैव धर्म के अनुयायियों के लिए महत्वपूर्ण आकर्षण बना हुआ है, जो पूरे देश से श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है।