📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bollywood Hungama
मनोरंजन
संजय गुप्ता ने बॉलीवुड में टारेंटिनो‑स्टाइल ग्रंज और स्लो‑मोशन लाया
✍️ The Indian Express
🗓 01 नव. 2026, 05:31 AM
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फ़िल्म निर्माता संजय गुप्ता को टारेंटिनो की ग्रंज शैली और स्लो‑मोशन को बॉलीवुड में लाने का श्रेय दिया गया है।
विनिर्माण में अपने तेज़‑तर्रार व्यावसायिक फ़िल्मों के लिए प्रसिद्ध निर्देशक संजय गुप्ता ने बॉलीवुड में दृश्य शैली को बदलने में अहम भूमिका निभाई है। पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने क्वेंटिन टारेंटिनो की ग्रंज‑शैली से प्रेरणा ली, उसकी कच्ची बनावट और साहसी रंगों को भारतीय कहानी‑संदर्भ में ढाला।
गुप्ता की फ़िल्मों में अब धुंधले, सूखे टोन, असामान्य कैमरा एंगल और स्टाइलिश सेट‑डिज़ाइन दिखते हैं, जो टारेंटिनो के अंडरग्राउंड माहौल की याद दिलाते हैं। इस नई दृश्य भाषा ने पारंपरिक बॉलीवुड के चमक‑दमक वाले रूप को चुनौती दी है।
साथ ही उन्होंने स्लो‑मोशन तकनीक को व्यापक रूप से अपनाया, जिससे एक्शन और भावनात्मक क्षणों को अधिक प्रभावी बनाया गया। यह तकनीक अब विभिन्न शैलियों में सामान्य हो गई है, जो संजय गुप्ता के फ़िल्मी परिदृश्य पर स्थायी प्रभाव को दर्शाती है।
गुप्ता की फ़िल्मों में अब धुंधले, सूखे टोन, असामान्य कैमरा एंगल और स्टाइलिश सेट‑डिज़ाइन दिखते हैं, जो टारेंटिनो के अंडरग्राउंड माहौल की याद दिलाते हैं। इस नई दृश्य भाषा ने पारंपरिक बॉलीवुड के चमक‑दमक वाले रूप को चुनौती दी है।
साथ ही उन्होंने स्लो‑मोशन तकनीक को व्यापक रूप से अपनाया, जिससे एक्शन और भावनात्मक क्षणों को अधिक प्रभावी बनाया गया। यह तकनीक अब विभिन्न शैलियों में सामान्य हो गई है, जो संजय गुप्ता के फ़िल्मी परिदृश्य पर स्थायी प्रभाव को दर्शाती है।