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28 सित. 2026•
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हरियाणा में देवे लाल की विरासत बनी, लेकिन उनका राजनीतिक प्रभाव घट रहा है
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / User:Ag1964
राजनीति

हरियाणा में देवे लाल की विरासत बनी, लेकिन उनका राजनीतिक प्रभाव घट रहा है

✍️ ThePrint 🗓 26 सित. 2026, 03:02 AM 👁 29
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पूर्व उप प्रधानमंत्री चौधरी देवे लाल की उपलब्धियां हरियाणा को आज भी प्रभावित करती हैं, जबकि उनका राजनीतिक नेटवर्क टूट रहा है।

चौधरी देवे लाल, हरियाणा के स्वतंत्रता‑उपरांत राजनीति के प्रमुख नेता, किसान अधिकार और ग्रामीण विकास के लिए अपने संघर्षों के लिए याद किए जाते हैं। उप प्रधानमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के कई साल बाद भी सार्वजनिक संस्थानों और स्थानीय कहानियों में उनका नाम कृषि‑समर्थन का प्रतीक बना हुआ है।

हाल के विश्लेषणों में यह बताया गया है कि उनके परिवार और सहयोगियों के इर्द‑गिर्द निर्मित राजनीतिक ढांचा अब टूट रहा है। चुनावी असफलताएँ और आंतरिक मतभेदों ने उस प्रादेशिक गठबंधन को कमजोर कर दिया है, जो पहले देवे लाल की छवि को सुदृढ़ करता था।

इन राजनीतिक गिरावटों के बावजूद, हरियाणा में नीति‑निर्माण और जमीनी आंदोलनों में उनका विचारधारा अभी भी जीवित है, जो राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में उनके दृष्टिकोण की स्थायी प्रभावशीलता को दर्शाता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि उनका राजनीतिक साम्राज्य बिखर रहा है, परन्तु उनके द्वारा स्थापित विचारधारा आज भी कृषि और क्षेत्रीय विकास से जुड़ी बहसों को दिशा देती है।

ThePrint की रिपोर्ट इस दोहरी स्थिति को उजागर करती है: एक ओर राजनीतिक शक्ति का क्षीण होना, और दूसरी ओर जनता के मन में देवे लाल की उपलब्धियों का स्थायी सम्मान।
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