📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Joydeep
स्वास्थ्य
दुर्गा पूजा से पहले पश्चिम बंगाल के हॉटस्पॉट में डेंगी के मामलों में वृद्धि
✍️ NDTV
🗓 11 अक्टू. 2026, 08:46 AM
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स्वास्थ्य अधिकारियों ने दुर्गा पूजा के मौसम से पहले पश्चिम बंगाल के कई जिलों में डेंगी के मामलों में तेज़ वृद्धि की सूचना दी, जिससे सतर्कता और रोकथाम उपाय बढ़ाए गए हैं।
पश्चिम बंगाल के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग ने कई जिलों में डेंगी के मामलों में स्पष्ट वृद्धि दर्ज की है, जिन्हें पहले ही हॉटस्पॉट के रूप में चिन्हित किया गया था। यह बढ़ोतरी दुर्गा पूजा के बड़े उत्सवों के करीब आने के कारण लोगों के भीड़भाड़ वाले माहौल में संक्रमण के जोखिम को लेकर चिंता बढ़ा रही है।
अधिकारियों ने निवासियों से स्थिर पानी को हटाने, मच्छर प्रतिरोधक क्रीम या स्प्रे का उपयोग करने और बुखार जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेने का आग्रह किया है। प्रभावित क्षेत्रों में शुरुआती निदान और उपचार के लिए अस्थायी बुखार क्लीनिक स्थापित किए गए हैं।
राज्य सरकार स्थानीय नगरपालिकाओं के साथ मिलकर वेक्टर नियंत्रण कार्यों को तेज कर रही है, जिसमें धुंधली फोगिंग और लार्विसाइडल स्प्रे शामिल हैं, ताकि आगामी उत्सवों से पहले मच्छर जनसंख्या को कम किया जा सके। स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर जागरूकता अभियानों के माध्यम से लोगों को रोकथाम के उपायों के बारे में सूचित कर रहे हैं।
हालांकि मामलों की सटीक संख्या अभी सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन इस प्रवृत्ति ने स्वास्थ्य विभाग को स्थिति की करीबी निगरानी करने और मीडिया ब्रीफ़िंग के माध्यम से नियमित अपडेट जारी करने के लिए प्रेरित किया है।
अधिकारियों ने निवासियों से स्थिर पानी को हटाने, मच्छर प्रतिरोधक क्रीम या स्प्रे का उपयोग करने और बुखार जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेने का आग्रह किया है। प्रभावित क्षेत्रों में शुरुआती निदान और उपचार के लिए अस्थायी बुखार क्लीनिक स्थापित किए गए हैं।
राज्य सरकार स्थानीय नगरपालिकाओं के साथ मिलकर वेक्टर नियंत्रण कार्यों को तेज कर रही है, जिसमें धुंधली फोगिंग और लार्विसाइडल स्प्रे शामिल हैं, ताकि आगामी उत्सवों से पहले मच्छर जनसंख्या को कम किया जा सके। स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर जागरूकता अभियानों के माध्यम से लोगों को रोकथाम के उपायों के बारे में सूचित कर रहे हैं।
हालांकि मामलों की सटीक संख्या अभी सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन इस प्रवृत्ति ने स्वास्थ्य विभाग को स्थिति की करीबी निगरानी करने और मीडिया ब्रीफ़िंग के माध्यम से नियमित अपडेट जारी करने के लिए प्रेरित किया है।