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दिल्ली विश्वविद्यालय में हॉस्टल संकट: 7 लाख छात्र, केवल 7 हजार कमरे
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Raunakhgnis
शिक्षा

दिल्ली विश्वविद्यालय में हॉस्टल संकट: 7 लाख छात्र, केवल 7 हजार कमरे

✍️ Aaj Tak 🗓 07 सित. 2026, 10:38 AM 👁 38
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दिल्ली विश्वविद्यालय के हॉस्टल केवल 7 हजार छात्रों को ही समायोजित कर पाते हैं, जबकि कुल छात्र संख्या 7 लाख से अधिक है, जिससे छात्रों को निजी आवास ढूंढना पड़ता है।

दिल्ली विश्वविद्यालय, भारत के सबसे बड़े विश्वविद्यालयों में से एक, अपने संकायों में 7 लाख से अधिक छात्रों का नामांकन करता है।

फिर भी, विश्वविद्यालय के हॉस्टल नेटवर्क में केवल लगभग 7,000 कमरे हैं, जिससे केवल लगभग एक प्रतिशत छात्र ही परिसर में रह सकते हैं।

इस कमी के कारण कई छात्र निजी पीजी या फ्लैट किराए पर लेते हैं, जो अक्सर परिसर से दूर होते हैं, जिससे उनके खर्च और यात्रा समय दोनों बढ़ते हैं।

विश्वविद्यालय अधिकारियों ने हॉस्टल क्षमता बढ़ाने की योजनाएँ घोषित की हैं, परंतु धन और जमीन अधिग्रहण की चुनौतियों ने प्रगति को धीमा कर दिया है।
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