📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prami.ap90
स्वास्थ्य
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 में दिल्ली का 21वां स्थान, सर्दियों में धुंध का सामना
✍️ Amar Ujala · Delhi
🗓 07 सित. 2026, 10:50 PM
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केंद्र सरकार के स्वच्छ वायु सर्वेक्षण‑2026 में 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में दिल्ली 21वें स्थान पर आई, जबकि सर्दियों की धुंध बढ़ी है।
दिल्ली की वायु गुणवत्ता इस सर्दियों में लगातार बिगड़ती रही, जिससे निवासियों के लिए सांस लेना कठिन हो गया। केंद्र सरकार द्वारा जारी स्वच्छ वायु सर्वेक्षण‑2026 में 10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले भारतीय महानगरों में दिल्ली 21वें स्थान पर आई। यह रैंकिंग पिछले वर्षों की तुलना में थोड़ी सुधार दर्शाती है, परन्तु विशेषकर सर्दियों में प्रदूषण स्तर अभी भी राष्ट्रीय मानकों से काफी ऊपर है।
पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा किए गए सर्वेक्षण में सूक्ष्म कण (PM2.5, PM10), नाइट्रोजन ऑक्साइड और सल्फर डाइऑक्साइड जैसे प्रमुख प्रदूषकों को मापा गया। दिल्ली में PM2.5 की मात्रा राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता मानकों से कई गुना अधिक है, जिससे दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति ने स्वास्थ्य चेतावनी जारी की है।
प्राधिकरणों ने नागरिकों से बाहर की गतिविधियों को सीमित करने, मास्क पहनने और शुद्धिकरण यंत्रों का उपयोग करने का आग्रह किया है। साथ ही, सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहन बढ़ाने, सार्वजनिक परिवहन को सुदृढ़ करने और हरित पहल को तेज करने का वादा किया है, ताकि उत्सर्जन में कमी लाई जा सके।
21वें स्थान पर आना एक मामूली उन्नति है, परन्तु विशेषज्ञों का मानना है कि सर्दियों के तीव्र प्रदूषण के दौरान बिना निरंतर नीति कार्यान्वयन के यह रैंकिंग फिर से गिर सकती है।
रिपोर्ट ने केंद्रीय और राज्य स्तर पर समन्वित कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया है, ताकि राजधानी में वायु गुणवत्ता में सुधार हो और सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा की जा सके।
पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा किए गए सर्वेक्षण में सूक्ष्म कण (PM2.5, PM10), नाइट्रोजन ऑक्साइड और सल्फर डाइऑक्साइड जैसे प्रमुख प्रदूषकों को मापा गया। दिल्ली में PM2.5 की मात्रा राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता मानकों से कई गुना अधिक है, जिससे दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति ने स्वास्थ्य चेतावनी जारी की है।
प्राधिकरणों ने नागरिकों से बाहर की गतिविधियों को सीमित करने, मास्क पहनने और शुद्धिकरण यंत्रों का उपयोग करने का आग्रह किया है। साथ ही, सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहन बढ़ाने, सार्वजनिक परिवहन को सुदृढ़ करने और हरित पहल को तेज करने का वादा किया है, ताकि उत्सर्जन में कमी लाई जा सके।
21वें स्थान पर आना एक मामूली उन्नति है, परन्तु विशेषज्ञों का मानना है कि सर्दियों के तीव्र प्रदूषण के दौरान बिना निरंतर नीति कार्यान्वयन के यह रैंकिंग फिर से गिर सकती है।
रिपोर्ट ने केंद्रीय और राज्य स्तर पर समन्वित कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया है, ताकि राजधानी में वायु गुणवत्ता में सुधार हो और सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा की जा सके।