📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Sukhjiwan Singh
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दिल्ली में बैठक: 2.5 लाख पुरानी गाड़ियों की फिटनेस जांच, वायु प्रदूषण पर कार्रवाई
✍️ Amar Ujala · Delhi
🗓 28 सित. 2026, 05:16 PM
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राज्य मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने वायु गुणवत्ता सुधार के लिए 2.5 लाख पुरानी गाड़ियों की फिटनेस जांच का फैसला बताया।
दिल्ली में वायु गुणवत्ता सुधार के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई, जिसमें राज्य मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने पुरानी गाड़ियों के खिलाफ ठोस कदम की घोषणा की। उन्होंने बताया कि निर्धारित सेवा आयु समाप्त हो चुकी सभी वाहनों की फिटनेस जांच अनिवार्य की जाएगी, जिससे लगभग 2.5 लाख गाड़ियों को जांच के दायरे में लाया जाएगा।
अधिकृत परिवहन प्राधिकरण इस फिटनेस जांच को संचालित करेंगे और यदि कोई वाहन उत्सर्जन मानकों को पूरा नहीं करता, तो उसे सुधार कार्य पूरा होने तक सड़क पर चलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि यह कदम दिल्ली के लगातार धुंधले मौसम में योगदान देने वाले पुराने डीज़ल और पेट्रोल इंजन को काफी हद तक कम करेगा।
यह पहल राज्य सरकार की व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसमें सार्वजनिक सुविधाओं का विस्तार, हरित आवरण बढ़ाना और उत्सर्जन मानकों को कड़ा करना शामिल है। जांच की सटीक समयसीमा अभी घोषित नहीं की गई है, पर अधिकारियों ने बताया कि प्रक्रिया अगले कुछ हफ्तों में शुरू होगी और अनुपालन की कड़ी निगरानी की जाएगी।
पर्यावरण संगठनों ने पुरानी गाड़ियों पर ध्यान देने की सराहना की, पर साथ ही स्वच्छ तकनीकों की ओर स्विच करने के लिए मालिकों को प्रोत्साहन देने की भी मांग की। मंत्री ने कहा कि इस कदम का अंतिम लक्ष्य शहर में कण पदार्थ (PM) और नाइट्रोजन ऑक्साइड (NOx) स्तर को मापनीय रूप से घटाना है।
अधिकृत परिवहन प्राधिकरण इस फिटनेस जांच को संचालित करेंगे और यदि कोई वाहन उत्सर्जन मानकों को पूरा नहीं करता, तो उसे सुधार कार्य पूरा होने तक सड़क पर चलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि यह कदम दिल्ली के लगातार धुंधले मौसम में योगदान देने वाले पुराने डीज़ल और पेट्रोल इंजन को काफी हद तक कम करेगा।
यह पहल राज्य सरकार की व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसमें सार्वजनिक सुविधाओं का विस्तार, हरित आवरण बढ़ाना और उत्सर्जन मानकों को कड़ा करना शामिल है। जांच की सटीक समयसीमा अभी घोषित नहीं की गई है, पर अधिकारियों ने बताया कि प्रक्रिया अगले कुछ हफ्तों में शुरू होगी और अनुपालन की कड़ी निगरानी की जाएगी।
पर्यावरण संगठनों ने पुरानी गाड़ियों पर ध्यान देने की सराहना की, पर साथ ही स्वच्छ तकनीकों की ओर स्विच करने के लिए मालिकों को प्रोत्साहन देने की भी मांग की। मंत्री ने कहा कि इस कदम का अंतिम लक्ष्य शहर में कण पदार्थ (PM) और नाइट्रोजन ऑक्साइड (NOx) स्तर को मापनीय रूप से घटाना है।