🔥 ट्रेंडिंग સુરતમાં પાંડેસરા રોડ પર કચરા ગાડીએ 10થ... સમીના નાની ચંદુર ગામે નવરાત્રી મહોત્સવ... સુરતમાં દશેરા‑વિજયાદશમી માટે પોલીસ હેડ... நாமக்கல் மாவட்டத்தில் பிஜேபி மாவட்ட செ... સુરતમાં 'છોટા યોગી' સામે ગોડાદરા પોલીસ... छत्तीसगढ़ -IPS अंकिता शर्मा ने साड़ी म...
21 अक्टू. 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा: सुरक्षा खतरे में हो तभी बेटे को बेदखल किया जा सकता है
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Avrajyoti Mitra
देश

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा: सुरक्षा खतरे में हो तभी बेटे को बेदखल किया जा सकता है

✍️ Amar Ujala · Delhi 🗓 21 अक्टू. 2026, 06:45 AM 👁 17
शेयर करें: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि केवल तभी बेटे को माता‑पिता के घर से बेदखल किया जा सकता है जब उनकी सुरक्षा को वास्तविक खतरा हो, उत्पीड़न के आरोपों पर नहीं।

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया, जिसमें बताया गया कि बेटे को तभी माता‑पिता के घर से बेदखल किया जा सकता है जब उनकी सुरक्षा को वास्तविक खतरा हो।

कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि संपत्ति माता‑पिता के घर से दूर स्थित है और बेटा सह‑स्वामी या सह‑निवेशकर्ता है, तो केवल उत्पीड़न के आरोपों के आधार पर बेदखली नहीं की जा सकती।

यह निर्णय राजधानी में पारिवारिक संपत्ति विवादों के लिए एक नया मानदंड स्थापित करता है, जिससे सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी।

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह रूलिंग भविष्य में पीढ़ी‑दर‑पीढ़ी संपत्ति विवादों में अदालतों को सुरक्षा के पहलू को अधिक गंभीरता से देखने के लिए प्रेरित करेगी।

फैसला यह स्पष्ट करता है कि परिवार के भीतर सुरक्षा का अधिकार संपत्ति के विवादों से ऊपर है, जब तक कि स्पष्ट खतरा स्थापित न हो।
📲Get App