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देश
दिल्ली हाईकोर्ट: पहनावा व्यक्तिगत पसंद
✍️ Amar Ujala · Delhi
🗓 10 अग. 2026, 09:32 PM
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दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि महिला का पहनावा उसकी व्यक्तिगत पसंद है और इसे उसके चरित्र या अपराध से जोड़ना गलत है। कोर्ट ने यह धारणा खारिज कर दी कि लड़की के कपड़े लड़कों को भ्रष्ट कर सकते हैं।
दिल्ली हाईकोर्ट ने व्यक्तिगत स्वतंत्रता और पसंद के बारे में एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। कोर्ट के अनुसार, व्यक्ति का पहनावा उसकी व्यक्तिगत पसंद है और इसे उसके चरित्र या कार्यों को आंकने के लिए उपयोग नहीं किया जाना चाहिए। यह निर्णय पुरानी धारणा को खारिज करता है कि लड़की के कपड़े लड़कों को भ्रष्ट कर सकते हैं। कोर्ट का फैसला व्यक्तिगत पसंद का सम्मान करने और दिखावे के आधार पर धारणा नहीं बनाने के महत्व पर जोर देता है। यह रुख समानता और व्यक्तिगत स्वतंत्रता को बढ़ावा देने में एक कदम है। कोर्ट का बयान स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि यह कपड़ों की पसंद के आधार पर व्यक्तियों के प्रति भेदभावपूर्ण रवैये को बर्दाश्त नहीं करेगा।