📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / KCVelaga
ऑटोमोबाइल
दिल्ली, हरियाणा और यूपी ने वाहन प्रतिस्थापन योजना के लिए एक साल की समय सीमा तय की
✍️ Hindustan Times
🗓 29 अग. 2026, 08:48 PM
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दिल्ली, हरियाणा और यूपी की सरकारों ने प्रदूषण कम करने और सड़क सुरक्षा बढ़ाने के लिए एक साल के भीतर पुराने वाहनों को बदलने की योजना का एलान किया है।
नई दिल्ली, चंडीगढ़ और लखनऊ – दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश की राज्य सरकारों ने मिलकर पुराने मोटर वाहनों को एक साल के भीतर बदलने के लिए एक संयुक्त योजना का लक्ष्य निर्धारित किया है। यह योजना, जो प्रत्येक राज्य के परिवहन विभाग द्वारा लागू की जाएगी, उच्च प्रदूषण वाले कार, दोपहिया और वाणिज्यिक ट्रकों को हटाने पर केंद्रित है, जो मौजूदा उत्सर्जन मानकों को पूरा नहीं करते।
अधिकारी बताते हैं कि इस पहल में स्क्रैप वैल्यू पर सब्सिडी और कम ब्याज वाले ऋण जैसी वित्तीय प्रोत्साहन के साथ कड़ी पंजीकरण जाँचें भी शामिल होंगी, ताकि पुराने प्रदूषक वाहनों को सड़कों से हटाया जा सके। लक्ष्य शहरी वायु गुणवत्ता में सुधार और स्वच्छ गतिशीलता के लिए केंद्र सरकार के कदमों के साथ तालमेल बनाना है।
कार्यान्वयन की शुरुआत दिल्ली के सबसे अधिक प्रदूषित क्षेत्रों में पायलट चरण से होगी, उसके बाद हरियाणा के औद्योगिक क्षेत्रों और उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों में समान चरण चलेंगे। अधिकारियों ने वाहन मालिकों से योजना में पंजीकरण करने और समय सीमा से पहले आवेदन करने का आग्रह किया है, अन्यथा पंजीकरण शुल्क बढ़ सकता है या प्रतिबंध लग सकता है।
बजट आवंटन अभी समीक्षा में है, पर तीनों सरकारें प्रगति को ट्रैक करने और राजमार्ग परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को त्रैमासिक रिपोर्ट देने के लिए समन्वित निगरानी का वचन देती हैं।
अधिकारी बताते हैं कि इस पहल में स्क्रैप वैल्यू पर सब्सिडी और कम ब्याज वाले ऋण जैसी वित्तीय प्रोत्साहन के साथ कड़ी पंजीकरण जाँचें भी शामिल होंगी, ताकि पुराने प्रदूषक वाहनों को सड़कों से हटाया जा सके। लक्ष्य शहरी वायु गुणवत्ता में सुधार और स्वच्छ गतिशीलता के लिए केंद्र सरकार के कदमों के साथ तालमेल बनाना है।
कार्यान्वयन की शुरुआत दिल्ली के सबसे अधिक प्रदूषित क्षेत्रों में पायलट चरण से होगी, उसके बाद हरियाणा के औद्योगिक क्षेत्रों और उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों में समान चरण चलेंगे। अधिकारियों ने वाहन मालिकों से योजना में पंजीकरण करने और समय सीमा से पहले आवेदन करने का आग्रह किया है, अन्यथा पंजीकरण शुल्क बढ़ सकता है या प्रतिबंध लग सकता है।
बजट आवंटन अभी समीक्षा में है, पर तीनों सरकारें प्रगति को ट्रैक करने और राजमार्ग परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को त्रैमासिक रिपोर्ट देने के लिए समन्वित निगरानी का वचन देती हैं।