📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ramesh NG
ऑटोमोबाइल
दिल्ली सरकार ने बसों की सुरक्षा के लिए नई आदेश जारी, परदे और अनधिकृत स्टॉप पर प्रतिबंध
✍️ indianexpress.com
🗓 03 सित. 2026, 03:33 AM
👁 39
दिल्ली सरकार ने बसों में परदे हटाने और अनधिकृत स्टॉप न करने का नया आदेश जारी किया, जिससे यात्रियों की सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा।
दिल्ली सरकार ने सार्वजनिक बसों के लिए एक नई सुरक्षा निर्देश जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि बसों के अंदर के परदे हटाए जाएँ और ड्राइवर अनधिकृत स्टॉप न करें। यह आदेश राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में चलने वाली राज्य‑स्वामित्व वाली और निजी दोनों कंपनियों पर लागू होगा।
अधिकारियों का कहना है कि यह कदम अंदरूनी दृश्यता बढ़ाने और अनधिकृत ठहराव से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए है। परदे हटाने से यात्रियों को सड़क और आपातकालीन निकास स्पष्ट रूप से दिखेंगे, जबकि अनधिकृत स्टॉप को प्रतिबंधित करने से ट्रैफ़िक व्यवधान कम होगा।
निर्देश में ऑपरेटरों को एक निर्धारित समय सीमा के भीतर अनुपालन करने का निर्देश दिया गया है, जिसके बाद उल्लंघन पर जुर्माना या लाइसेंस निलंबन जैसी सज़ा लागू की जा सकती है। परिवहन विभाग निरीक्षण करेगा और सभी कंपनियों से इस नई नीति के बारे में कर्मचारियों को सूचित करने का आग्रह किया है।
सड़क सुरक्षा संगठनों ने इस कदम का स्वागत किया है, जबकि कुछ निजी ऑपरेटरों ने फ्लीट को री‑ट्रांसफ़ॉर्म करने के खर्च और समय को लेकर चिंता जताई है। सरकार ने कहा है कि छोटे ऑपरेटरों के लिए उचित कारण प्रस्तुत करने पर विस्तार की संभावना पर विचार किया जाएगा।
अधिकारियों का कहना है कि यह कदम अंदरूनी दृश्यता बढ़ाने और अनधिकृत ठहराव से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए है। परदे हटाने से यात्रियों को सड़क और आपातकालीन निकास स्पष्ट रूप से दिखेंगे, जबकि अनधिकृत स्टॉप को प्रतिबंधित करने से ट्रैफ़िक व्यवधान कम होगा।
निर्देश में ऑपरेटरों को एक निर्धारित समय सीमा के भीतर अनुपालन करने का निर्देश दिया गया है, जिसके बाद उल्लंघन पर जुर्माना या लाइसेंस निलंबन जैसी सज़ा लागू की जा सकती है। परिवहन विभाग निरीक्षण करेगा और सभी कंपनियों से इस नई नीति के बारे में कर्मचारियों को सूचित करने का आग्रह किया है।
सड़क सुरक्षा संगठनों ने इस कदम का स्वागत किया है, जबकि कुछ निजी ऑपरेटरों ने फ्लीट को री‑ट्रांसफ़ॉर्म करने के खर्च और समय को लेकर चिंता जताई है। सरकार ने कहा है कि छोटे ऑपरेटरों के लिए उचित कारण प्रस्तुत करने पर विस्तार की संभावना पर विचार किया जाएगा।