📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Science and Technology
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दिल्ली में 1 नवंबर से गैर‑बीएस‑VI गाड़ियों पर पाबंदी, ‘पीयूसी नहीं तो ईंधन नहीं’ नियम लागू
✍️ Amar Ujala · Delhi
🗓 21 अक्टू. 2026, 07:46 PM
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1 नवंबर से दिल्ली के विंटर एक्शन प्लान के तहत गैर‑बीएस‑VI गाड़ियों का प्रवेश प्रतिबंधित, ‘पीयूसी नहीं तो ईंधन नहीं’ नीति लागू की गई है।
दिल्ली सरकार के विंटर एक्शन प्लान के तहत 1 नवंबर से सभी गैर‑बीएस‑VI पंजीकृत गाड़ियों का राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में प्रवेश प्रतिबंधित किया गया है। यह कदम शीतकाल में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए उठाया गया है, जिससे केवल नवीनतम उत्सर्जन मानकों को पूरा करने वाली गाड़ियां ही चल सकें।
इसके साथ ही ‘पीयूसी नहीं तो ईंधन नहीं’ नियम लागू किया गया है। पेट्रोल पंपों को निर्देश दिया गया है कि वे किसी भी वाहन को ईंधन न दें जो पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (PUC) प्रमाणपत्र प्रस्तुत नहीं कर सके। यह नीति नियमित उत्सर्जन जांच को सख्त बनाकर पुरानी और अधिक प्रदूषक गाड़ियों के उपयोग को रोकने के लिए है।
परिवहन विभाग ने बताया कि सड़क पर जाँच और वाहन पंजीकरण डेटा की डिजिटल सत्यापन के माध्यम से अनुपालन की निगरानी की जाएगी। उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना और वाहन जब्ती जैसी कार्रवाई की जा सकती है। नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे बीएस‑VI मानक वाली गाड़ी में बदलाव करें या असुविधा से बचने के लिए सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें।
यह प्रतिबंध निजी कारों, दोपहिया और व्यावसायिक वाहनों पर लागू होगा जो बीएस‑VI मानक तक नहीं पहुँचे हैं। बीएस‑VI मानक वाली गाड़ियां बिना किसी प्रतिबंध के चलती रहेंगी। यह पहल दिल्ली की वायु गुणवत्ता को शीतकालीन धुंध के मौसम से पहले सुधारने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।
इसके साथ ही ‘पीयूसी नहीं तो ईंधन नहीं’ नियम लागू किया गया है। पेट्रोल पंपों को निर्देश दिया गया है कि वे किसी भी वाहन को ईंधन न दें जो पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (PUC) प्रमाणपत्र प्रस्तुत नहीं कर सके। यह नीति नियमित उत्सर्जन जांच को सख्त बनाकर पुरानी और अधिक प्रदूषक गाड़ियों के उपयोग को रोकने के लिए है।
परिवहन विभाग ने बताया कि सड़क पर जाँच और वाहन पंजीकरण डेटा की डिजिटल सत्यापन के माध्यम से अनुपालन की निगरानी की जाएगी। उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना और वाहन जब्ती जैसी कार्रवाई की जा सकती है। नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे बीएस‑VI मानक वाली गाड़ी में बदलाव करें या असुविधा से बचने के लिए सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें।
यह प्रतिबंध निजी कारों, दोपहिया और व्यावसायिक वाहनों पर लागू होगा जो बीएस‑VI मानक तक नहीं पहुँचे हैं। बीएस‑VI मानक वाली गाड़ियां बिना किसी प्रतिबंध के चलती रहेंगी। यह पहल दिल्ली की वायु गुणवत्ता को शीतकालीन धुंध के मौसम से पहले सुधारने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।