📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Yann (talk)
विज्ञान
देहरादून के वन्यजीव विशेषज्ञों ने चंबल में डॉल्फिन गिनती के लिए वनकर्मियों को दिया प्रशिक्षण
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 18 अक्टू. 2026, 05:45 PM
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आधुनिक तकनीक से राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल अभयारण्य में रिवर डॉल्फिन की सटीक गिनती शुरू, देहरादून के विशेषज्ञों ने तीन राज्यों के वनकर्मियों को प्रशिक्षण दिया।
देहरादून स्थित भारतीय वन्यजीव संस्थान की टीम ने राजस्थान, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के वनकर्मियों को राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल अभयारण्य में रिवर डॉल्फिन की व्यवस्थित गिनती के लिए प्रशिक्षण देना शुरू किया है। जीपीएस‑सज्जित नावें, ध्वनि निगरानी उपकरण और ड्रोन इमेजिंग जैसी आधुनिक तकनीकों से पहले के मोटे अनुमान को वैज्ञानिक रूप से सटीक आंकड़ों में बदला जाएगा।
तीन राज्यों के वन विभागों के सहयोग से यह पहल अभयारण्य में पहली बार इन उन्नत उपकरणों के उपयोग को दर्शाती है। फरवरी 2026 में एक प्रारंभिक सर्वेक्षण में 155 डॉल्फिन दर्ज किए गए थे, लेकिन अधिकारी मानते हैं कि पूर्ण गिनती के बाद यह संख्या बदल सकती है।
सटीक डेटा से संरक्षण रणनीतियों को सुदृढ़ करने, आवास सुरक्षा उपायों को बेहतर बनाने और राष्ट्रीय जैव विविधता लक्ष्यों को पूरा करने में मदद मिलेगी। प्रशिक्षण सत्र अगले कुछ हफ्तों तक जारी रहेगा, जिसके बाद डॉल्फिन सर्वेक्षण धौलपुर और आसपास के जिलों में शुरू किया जाएगा।
तीन राज्यों के वन विभागों के सहयोग से यह पहल अभयारण्य में पहली बार इन उन्नत उपकरणों के उपयोग को दर्शाती है। फरवरी 2026 में एक प्रारंभिक सर्वेक्षण में 155 डॉल्फिन दर्ज किए गए थे, लेकिन अधिकारी मानते हैं कि पूर्ण गिनती के बाद यह संख्या बदल सकती है।
सटीक डेटा से संरक्षण रणनीतियों को सुदृढ़ करने, आवास सुरक्षा उपायों को बेहतर बनाने और राष्ट्रीय जैव विविधता लक्ष्यों को पूरा करने में मदद मिलेगी। प्रशिक्षण सत्र अगले कुछ हफ्तों तक जारी रहेगा, जिसके बाद डॉल्फिन सर्वेक्षण धौलपुर और आसपास के जिलों में शुरू किया जाएगा।