📷 चित्र स्रोत: Hindustan Times (via NewsData)
रक्षा
डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल ने मिसाइल, रडार और स्वदेशी निर्माण के लिए 1.1 लाख करोड़ की मंजूरी दी
✍️ Hindustan Times
🗓 08 सित. 2026, 09:41 AM
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डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व में 1.1 लाख करोड़ का पैकेज मंजूर किया, जिसमें मिसाइल‑रडार क्षमताओं का विस्तार और स्वदेशी रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देना शामिल है।
नई दिल्ली: डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) ने 1.1 लाख करोड़ रुपये के रक्षा बूस्ट योजना को मंजूरी दी, जिसमें उन्नत मिसाइलों से लेकर अत्याधुनिक रडार तक के विभिन्न सिस्टम शामिल हैं। रक्षा मंत्रालय द्वारा प्रस्तुत इस प्रस्ताव का उद्देश्य आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदम बढ़ाना और घरेलू कंपनियों को उत्पादन व प्रौद्योगिकी विकास में अधिक भूमिका देना है।
DAC के अध्यक्ष, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह फंडिंग मौजूदा प्लेटफ़ॉर्म को आधुनिक बनाने और नए स्वदेशी हथियार सिस्टम को अपनाने के लिए उपयोग की जाएगी। इस कदम से आयात पर निर्भरता कम होगी और देश के भीतर एक मजबूत सप्लाई चेन स्थापित होगी।
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि यह आवंटन अनुसंधान‑विकास में भारी निवेश और महत्वपूर्ण घटकों के लिए नई उत्पादन लाइनों की स्थापना को प्रोत्साहित करेगा। यह निर्णय भारतीय सेना की बदलती परिचालन आवश्यकताओं को पूरा करने और घरेलू रक्षा इकोसिस्टम को सुदृढ़ करने की व्यापक रणनीति के अनुरूप है।
काउंसिल की इस मंजूरी से भारत को वैश्विक रक्षा निर्माण केंद्र बनने की दिशा में एक ठोस कदम मिला है।
DAC के अध्यक्ष, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह फंडिंग मौजूदा प्लेटफ़ॉर्म को आधुनिक बनाने और नए स्वदेशी हथियार सिस्टम को अपनाने के लिए उपयोग की जाएगी। इस कदम से आयात पर निर्भरता कम होगी और देश के भीतर एक मजबूत सप्लाई चेन स्थापित होगी।
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि यह आवंटन अनुसंधान‑विकास में भारी निवेश और महत्वपूर्ण घटकों के लिए नई उत्पादन लाइनों की स्थापना को प्रोत्साहित करेगा। यह निर्णय भारतीय सेना की बदलती परिचालन आवश्यकताओं को पूरा करने और घरेलू रक्षा इकोसिस्टम को सुदृढ़ करने की व्यापक रणनीति के अनुरूप है।
काउंसिल की इस मंजूरी से भारत को वैश्विक रक्षा निर्माण केंद्र बनने की दिशा में एक ठोस कदम मिला है।