📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Gpkp
धर्म
नवरात्रि 2026 के तीसरे दिन ढोल की थाप पर खे़लियों ने घुमावदार नृत्य किया
✍️ Bhaskar English
🗓 15 अक्टू. 2026, 07:09 AM
👁 14
नवरात्रि 2026 के तीसरे दिन, ढोल की थाप पर भक्तों ने खे़लियों के पारंपरिक गोल नृत्य का आनंद लिया।
नवरात्रि 2026 की तीसरी रात में देश भर में उत्सव की धूम रही, जहाँ समुदाय पारम्परिक अनुष्ठानों के लिए एकत्र हुए। ढोल की थापें गली‑गली और सार्वजनिक स्थानों में गूँज रही थीं, जिससे उत्सव का माहौल जीवंत हो गया।
खे़लियों, जो रिदमिक परेड का नेतृत्व करते हैं, धुन के साथ समन्वित गोल चक्र में नाचते रहे। यह गोल नृत्य, गरबा‑डांडिया का प्रतीक, दिव्य स्त्री शक्ति के नौ दिनों के उत्सव में एकता और चक्राकारता को दर्शाता है।
भीड़ ने उत्सव को तालियों और जयकारों से सराहा, जबकि कलाकार अपनी समन्वित चालें जारी रखे। संगीत और नृत्य की यह सामूहिक अभिव्यक्ति नवरात्रि के दौरान सामाजिक बंधनों को मजबूत करती है।
खे़लियों, जो रिदमिक परेड का नेतृत्व करते हैं, धुन के साथ समन्वित गोल चक्र में नाचते रहे। यह गोल नृत्य, गरबा‑डांडिया का प्रतीक, दिव्य स्त्री शक्ति के नौ दिनों के उत्सव में एकता और चक्राकारता को दर्शाता है।
भीड़ ने उत्सव को तालियों और जयकारों से सराहा, जबकि कलाकार अपनी समन्वित चालें जारी रखे। संगीत और नृत्य की यह सामूहिक अभिव्यक्ति नवरात्रि के दौरान सामाजिक बंधनों को मजबूत करती है।