📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Sumasa
धर्म
दमोह का 1851 में स्थापित दुर्गा दरबार: साल में सिर्फ दो बार होती हैं मिट्टी की प्रतिमा के दर्शन
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 18 अक्टू. 2026, 04:35 PM
👁 17
मध्य प्रदेश के दमोह स्थित भारत दुर्गा देवालय में 1851 में स्थापित मां दुर्गा की मिट्टी की प्रतिमा विराजमान है। यह मंदिर केवल चैत्र और क्वार नवरात्रि के दौरान खुलता है, जिसके लिए दूर-दराज से श्रद्धालु पहुंचते हैं।
मध्य प्रदेश के दमोह में स्थित एक ऐतिहासिक मंदिर अपनी अद्वितीय परंपरा के कारण श्रद्धालुओं का ध्यान खींचता है। भारत दुर्गा देवालय में मां जगतजननी की प्रतिमा विराजमान है, जिसे पंडित हरप्रसाद भारत ने 1851 में स्थापित किया था। यह प्रतिमा मिट्टी से बनी है, जो इस मंदिर की एक विशिष्ट पहचान है।
सामान्यतः अधिकांश मंदिर पूरे वर्ष खुले रहते हैं, लेकिन इस दरबार में एक कठोर मौसमी शेड्यूल का पालन किया जाता है। मंदिर केवल चैत्र नवरात्रि और क्वार नवरात्रि के दौरान ही श्रद्धालुओं के लिए खुलता है। इससे यह स्थान इन विशेष अवसरों पर एक महत्वपूर्ण धार्मिक केंद्र बन जाता है।
मिट्टी की इस सरल प्रतिमा के बावजूद, इसकी आध्यात्मिक महत्ता दूर-दराज के शहरों और गांवों से भक्तों को आकर्षित करती है। श्रद्धालु दर्शन के लिए इस संक्षिप्त अवधि का इंतजार करते हैं, जिससे ये दो बार साल में होने वाले उत्सव स्थानीय समुदाय और पилиग्रिम्स दोनों के लिए विशेष महत्व रखते हैं।
सामान्यतः अधिकांश मंदिर पूरे वर्ष खुले रहते हैं, लेकिन इस दरबार में एक कठोर मौसमी शेड्यूल का पालन किया जाता है। मंदिर केवल चैत्र नवरात्रि और क्वार नवरात्रि के दौरान ही श्रद्धालुओं के लिए खुलता है। इससे यह स्थान इन विशेष अवसरों पर एक महत्वपूर्ण धार्मिक केंद्र बन जाता है।
मिट्टी की इस सरल प्रतिमा के बावजूद, इसकी आध्यात्मिक महत्ता दूर-दराज के शहरों और गांवों से भक्तों को आकर्षित करती है। श्रद्धालु दर्शन के लिए इस संक्षिप्त अवधि का इंतजार करते हैं, जिससे ये दो बार साल में होने वाले उत्सव स्थानीय समुदाय और पилиग्रिम्स दोनों के लिए विशेष महत्व रखते हैं।