अपराध
डबरा पुलिस के सामने नया सवाल: 21 चोरी की बाइक पकड़ने के बाद थाने के पास से ही बाइक चोरी
डबरा सिटी थाना पुलिस द्वारा 21 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद करने के कुछ ही दिनों बाद, थाने की दीवार से सटी दुकान के सामने से एक मोटरसाइकिल चोरी हो गई है, जिससे पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
डबरा। डबरा सिटी थाना पुलिस ने हाल ही में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 21 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद कर एक बाइक चोर गिरोह का पर्दाफाश करने का दावा किया था। हालांकि, इसी सफलता के बीच एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने पुलिस की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। थाना परिसर की दीवार से सटी एक कबाड़े की दुकान के सामने से ही एक मोटरसाइकिल चोरी हो गई है।
यह घटना 25 सितंबर को सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच हुई, जब सुनील दुबे नामक व्यक्ति की हीरो होंडा पैशन प्रो (MP07 MV 1030) अज्ञात चोरों द्वारा चोरी कर ली गई। बाइक की अनुमानित कीमत करीब 18 हजार रुपये बताई गई है। इस मामले में पुलिस ने 29 सितंबर को अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 303(2) के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
एक ओर जहां पुलिस ने 21 चोरी की बाइकों को बरामद कर अपनी कार्यकुशलता का प्रदर्शन किया है, वहीं दूसरी ओर थाने के इतने करीब से हुई यह चोरी पुलिस की सतर्कता पर सवाल उठाती है। यह घटना इस बात पर भी प्रकाश डालती है कि यदि पुलिस चोर गिरोह तक पहुँच सकती है और बड़ी संख्या में चोरी की गई गाड़ियाँ बरामद कर सकती है, तो थाने के इतने नज़दीक से चोरी हुई सुनील दुबे की बाइक के चोरों को पकड़ने में पुलिस को कितनी चुनौती का सामना करना पड़ेगा।
अब सभी की निगाहें पुलिस की जांच पर टिकी हैं, जिसमें सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस कितनी जल्दी इस मामले में आरोपी का पता लगा पाती है और क्या सुनील दुबे की चोरी हुई बाइक को भी बरामद की गई 21 मोटरसाइकिलों में शामिल किया जा सकेगा, या यह मामला भी फाइलों में ही दबकर रह जाएगा।
यह घटना 25 सितंबर को सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच हुई, जब सुनील दुबे नामक व्यक्ति की हीरो होंडा पैशन प्रो (MP07 MV 1030) अज्ञात चोरों द्वारा चोरी कर ली गई। बाइक की अनुमानित कीमत करीब 18 हजार रुपये बताई गई है। इस मामले में पुलिस ने 29 सितंबर को अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 303(2) के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
एक ओर जहां पुलिस ने 21 चोरी की बाइकों को बरामद कर अपनी कार्यकुशलता का प्रदर्शन किया है, वहीं दूसरी ओर थाने के इतने करीब से हुई यह चोरी पुलिस की सतर्कता पर सवाल उठाती है। यह घटना इस बात पर भी प्रकाश डालती है कि यदि पुलिस चोर गिरोह तक पहुँच सकती है और बड़ी संख्या में चोरी की गई गाड़ियाँ बरामद कर सकती है, तो थाने के इतने नज़दीक से चोरी हुई सुनील दुबे की बाइक के चोरों को पकड़ने में पुलिस को कितनी चुनौती का सामना करना पड़ेगा।
अब सभी की निगाहें पुलिस की जांच पर टिकी हैं, जिसमें सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस कितनी जल्दी इस मामले में आरोपी का पता लगा पाती है और क्या सुनील दुबे की चोरी हुई बाइक को भी बरामद की गई 21 मोटरसाइकिलों में शामिल किया जा सकेगा, या यह मामला भी फाइलों में ही दबकर रह जाएगा।