Local
डबरा में जाम में फंसे युवक की अस्पताल पहुंचने से पहले मौत, परिवार में शोक
डबरा शहर में शिव कॉलोनी निवासी शिरीष गुप्ता की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल ले जाते समय वाहन जाम में फंस गया। करीब आधे घंटे तक जाम में फंसे रहने के बाद युवक की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो गई।
डबरा शहर में एक युवक की अचानक तबीयत बिगड़ने और अस्पताल पहुंचने से पहले मौत होने का मामला सामने आया है। शिव कॉलोनी, वार्ड क्रमांक 23 निवासी शिरीष गुप्ता की तबीयत अचानक खराब हुई, जिसके बाद परिजनों ने उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाने की तैयारी की। शिरीष शहर में टिफिन सेंटर का संचालन कर अपने परिवार की आजीविका चलाते थे और उनकी अचानक मौत से परिवार में शोक का माहौल है।
शिरीष के साथ मौजूद अमित चौबे ने बताया कि अस्पताल जाते समय वाहन डबरा रेलवे ओवरब्रिज के पास यातायात जाम में फंस गया। उनके अनुसार, इस दौरान करीब 30 मिनट तक वाहन आगे नहीं बढ़ सका। इसी बीच शिरीष की हालत और बिगड़ गई तथा उन्हें दो बार उल्टी हुई, जिसके बाद अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई।
घटना के बाद डबरा शहर की यातायात व्यवस्था और व्यस्त मार्गों पर लगने वाले जाम को लेकर सवाल उठने लगे हैं। खासकर आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को अस्पताल तक समय पर पहुंचाने के लिए सुचारु यातायात व्यवस्था की जरूरत एक बार फिर सामने आई है। यह घटना शहर में आपातकालीन यातायात व्यवस्था को लेकर एक महत्वपूर्ण सवाल छोड़ गई है कि गंभीर मरीजों के लिए जाम की स्थिति में तत्काल रास्ता उपलब्ध कराने की व्यवस्था कितनी प्रभावी है।
हालांकि, शिरीष की मौत का सटीक चिकित्सकीय कारण क्या था और अस्पताल पहुंचने में हुई देरी का उनकी स्थिति पर कितना प्रभाव पड़ा, यह चिकित्सकीय जांच और आधिकारिक जानकारी के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
शिरीष के साथ मौजूद अमित चौबे ने बताया कि अस्पताल जाते समय वाहन डबरा रेलवे ओवरब्रिज के पास यातायात जाम में फंस गया। उनके अनुसार, इस दौरान करीब 30 मिनट तक वाहन आगे नहीं बढ़ सका। इसी बीच शिरीष की हालत और बिगड़ गई तथा उन्हें दो बार उल्टी हुई, जिसके बाद अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई।
घटना के बाद डबरा शहर की यातायात व्यवस्था और व्यस्त मार्गों पर लगने वाले जाम को लेकर सवाल उठने लगे हैं। खासकर आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को अस्पताल तक समय पर पहुंचाने के लिए सुचारु यातायात व्यवस्था की जरूरत एक बार फिर सामने आई है। यह घटना शहर में आपातकालीन यातायात व्यवस्था को लेकर एक महत्वपूर्ण सवाल छोड़ गई है कि गंभीर मरीजों के लिए जाम की स्थिति में तत्काल रास्ता उपलब्ध कराने की व्यवस्था कितनी प्रभावी है।
हालांकि, शिरीष की मौत का सटीक चिकित्सकीय कारण क्या था और अस्पताल पहुंचने में हुई देरी का उनकी स्थिति पर कितना प्रभाव पड़ा, यह चिकित्सकीय जांच और आधिकारिक जानकारी के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।