📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Lambert
मौसम
राजस्थान में चक्रवात का खतरा, अधिकारी चेतावनी जारी
✍️ Bhaskar English
🗓 28 अक्टू. 2026, 12:01 PM
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एक तीव्र चक्रवात राजस्थान की ओर बढ़ रहा है, जिससे आपदा प्राधिकरण ने चेतावनी जारी की और तीन साल पहले बिपरजॉय के 8 मौतों की याद दिलाई।
भारतीय मौसम विभाग ने एक तीव्र चक्रवातीय प्रणाली को राजस्थान के तटीय जिलों की ओर बढ़ते हुए पहचाना है। भविष्यवाणी मॉडल बताते हैं कि यह प्रणाली अगले 24‑36 घंटे में भूमि में प्रवेश कर सकती है, जिससे तेज़ हवाएँ और भारी बारिश होगी।
प्राधिकरण ने चक्रवात चेतावनी को सर्वोच्च स्तर पर बढ़ा दिया है और प्रभावित गांवों के निवासियों से संपत्ति सुरक्षित करने, आवश्यक सामान जमा करने और स्थानीय प्रसारण पर निरंतर अपडेट सुनने का आग्रह किया है। आपातकालीन टीमों को निकासी के लिए तैयार किया गया है।
यह चेतावनी तीन साल पहले बिपरजॉय चक्रवात की स्मृति दिलाती है, जिसने राजस्थान में 8 लोगों की जान ले ली थी। अधिकारी कहते हैं कि वर्तमान तूफ़ान अभी विकसित हो रहा है, लेकिन यदि यह तेज़ हो गया तो समान खतरा उत्पन्न हो सकता है।
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल के साथ मिलकर राहत किटों को पहले से तैनात कर रहा है और बचाव उपकरणों की त्वरित तैनाती सुनिश्चित कर रहा है। नागरिकों को निचले इलाकों से दूर रहने और स्थानीय पुलिस व आपदा प्राधिकरण के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
स्थिति की निरंतर निगरानी की जाएगी और चक्रवात की दिशा स्पष्ट होते ही अतिरिक्त सलाह जारी की जाएगी।
प्राधिकरण ने चक्रवात चेतावनी को सर्वोच्च स्तर पर बढ़ा दिया है और प्रभावित गांवों के निवासियों से संपत्ति सुरक्षित करने, आवश्यक सामान जमा करने और स्थानीय प्रसारण पर निरंतर अपडेट सुनने का आग्रह किया है। आपातकालीन टीमों को निकासी के लिए तैयार किया गया है।
यह चेतावनी तीन साल पहले बिपरजॉय चक्रवात की स्मृति दिलाती है, जिसने राजस्थान में 8 लोगों की जान ले ली थी। अधिकारी कहते हैं कि वर्तमान तूफ़ान अभी विकसित हो रहा है, लेकिन यदि यह तेज़ हो गया तो समान खतरा उत्पन्न हो सकता है।
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल के साथ मिलकर राहत किटों को पहले से तैनात कर रहा है और बचाव उपकरणों की त्वरित तैनाती सुनिश्चित कर रहा है। नागरिकों को निचले इलाकों से दूर रहने और स्थानीय पुलिस व आपदा प्राधिकरण के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
स्थिति की निरंतर निगरानी की जाएगी और चक्रवात की दिशा स्पष्ट होते ही अतिरिक्त सलाह जारी की जाएगी।