📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Joegoauk Goa from Goa
बिज़नेस
रचनात्मक उद्योग पर ध्यान से टेक इकोसिस्टम और दीर्घकालिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा, कहे ख़ौंटे
✍️ The Times of India
🗓 11 अक्टू. 2026, 04:16 AM
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उद्योग विशेषज्ञ ख़ौंटे का कहना है कि रचनात्मक क्षेत्र पर ध्यान देने से भारत के टेक इकोसिस्टम को सुदृढ़ किया जा सकता है और पर्यटकों के दीर्घकालिक प्रवास को बढ़ावा मिल सकता है।
उद्योग के अनुभवी ख़ौंटे ने भारत के रचनात्मक क्षेत्र की अपार संभावनाओं को उजागर किया, यह बताते हुए कि कला, डिजाइन और डिजिटल कंटेंट पर रणनीतिक ध्यान तकनीकी इकोसिस्टम के लिए उत्प्रेरक बन सकता है। रचनात्मक प्रतिभा और टेक कंपनियों के बीच सहयोग नवाचार को तेज करेगा और उच्च मूल्य वाले रोजगार सृजित करेगा।
ख़ौंटे ने रचनात्मक उद्योग को पर्यटन से जोड़ते हुए कहा कि सांस्कृतिक रूप से समृद्ध अनुभव पर्यटकों को अधिक समय तक रहने के लिए प्रेरित करते हैं, जिससे दीर्घकालिक पर्यटन आय में वृद्धि होगी। उन्होंने सुझाव दिया कि रचनात्मक हब को पर्यटन स्थलों के साथ एकीकृत करने से immersive अनुभव बनेंगे, जो घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों यात्रियों को आकर्षित करेंगे।
इन बयानों का समय ऐसा है जब नीति निर्माताओं ने पारंपरिक विनिर्माण से परे आर्थिक विकास को विविधित करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं, ताकि भारत को रचनात्मक और डिजिटल अर्थव्यवस्थाओं का केंद्र बनाया जा सके। दोनों क्षेत्रों के हितधारक इस बात पर नज़र रख रहे हैं कि नीति समर्थन इन विचारों को ठोस पहलों में बदल सके।
हालांकि अभी तक कोई विशिष्ट उपाय घोषित नहीं किए गए हैं, ख़ौंटे ने सरकारी एजेंसियों और निजी निवेशकों से सहयोग की अपील की, जिससे बुनियादी ढांचा, फंडिंग और कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से रचनात्मक‑टेक संगम को पोषित किया जा सके और देश को दीर्घकालिक पर्यटन के लिए अधिक आकर्षक बनाया जा सके।
ख़ौंटे ने रचनात्मक उद्योग को पर्यटन से जोड़ते हुए कहा कि सांस्कृतिक रूप से समृद्ध अनुभव पर्यटकों को अधिक समय तक रहने के लिए प्रेरित करते हैं, जिससे दीर्घकालिक पर्यटन आय में वृद्धि होगी। उन्होंने सुझाव दिया कि रचनात्मक हब को पर्यटन स्थलों के साथ एकीकृत करने से immersive अनुभव बनेंगे, जो घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों यात्रियों को आकर्षित करेंगे।
इन बयानों का समय ऐसा है जब नीति निर्माताओं ने पारंपरिक विनिर्माण से परे आर्थिक विकास को विविधित करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं, ताकि भारत को रचनात्मक और डिजिटल अर्थव्यवस्थाओं का केंद्र बनाया जा सके। दोनों क्षेत्रों के हितधारक इस बात पर नज़र रख रहे हैं कि नीति समर्थन इन विचारों को ठोस पहलों में बदल सके।
हालांकि अभी तक कोई विशिष्ट उपाय घोषित नहीं किए गए हैं, ख़ौंटे ने सरकारी एजेंसियों और निजी निवेशकों से सहयोग की अपील की, जिससे बुनियादी ढांचा, फंडिंग और कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से रचनात्मक‑टेक संगम को पोषित किया जा सके और देश को दीर्घकालिक पर्यटन के लिए अधिक आकर्षक बनाया जा सके।