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अपराध
अदालत का निर्णय: दवा मामले में बAIL न देने से पीआईटी-एनडीपीएस के तहत रोकथामीय हिरासत अमान्य
✍️ Live Law
🗓 17 अक्टू. 2026, 06:48 AM
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अदालत ने फैसला सुनाया कि दवा अपराध मामले में बAIL न देने से पीआईटी-एनडीपीएस के तहत रोकथामीय हिरासत अमान्य हो जाती है।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने निर्णय दिया कि दवा अपराध मामले में बAIL आवेदन पर विचार न करने से पीआईटी और एनडीपीएस के तहत की गई रोकथामीय हिरासत अमान्य हो जाती है। न्यायालय ने बताया कि बAIL एक मौलिक अधिकार है और इसकी अनदेखी से बाद की हिरासत अवैध हो सकती है। इसलिए, पीआईटी-एनडीपीएस के अंतर्गत रखी गई हिरासत को अमान्य माना गया और उसे पुनः समीक्षा की आवश्यकता है। यह निर्णय रोकथामीय हिरासत मामलों में प्रक्रियागत अनुपालन के महत्व को रेखांकित करता है।