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कोर्ट ने कहा, वैवाहिक संबंध सिद्ध होने पर धारा 376 IPC लागू नहीं
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Pokemonprime
अपराध

कोर्ट ने कहा, वैवाहिक संबंध सिद्ध होने पर धारा 376 IPC लागू नहीं

✍️ Live Law 🗓 19 अग. 2026, 01:19 PM 👁 29
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एक अदालत ने फैसला सुनाया कि जब अभियोजन के सबूत में वैवाहिक संबंध स्थापित हो, तो धारा 376 IPC को प्रारम्भिक रूप से लागू नहीं किया जा सकता।

बेंच ने यह फैसला सुनाया कि भारतीय दंड संहिता की धारा 376, जो बलात्कार से संबंधित है, तब प्रारम्भिक रूप से लागू नहीं की जा सकती जब अभियोजन के सबूत यह दर्शाते हैं कि पीड़िता और आरोपी के बीच वैध वैवाहिक संबंध मौजूद है। कोर्ट ने कहा कि वैवाहिक स्थिति के अस्तित्व से इस धारा के लागू होने की कानूनी सीमा बदल जाती है।

कानूनी विशेषज्ञों ने बताया कि यह निर्णय यह सिद्धांत उजागर करता है कि धारा 376 के तहत आरोप लगाने से पहले वैवाहिक स्थिति की जाँच अनिवार्य है। अभियोजकों को वैवाहिक बंधन के स्पष्ट प्रमाण प्रस्तुत करने होंगे, और केवल तब ही इस धारा को बिना अतिरिक्त जांच के लागू किया जा सकता है जब ऐसा प्रमाण न हो।

यह न्यायिक निर्णय समान मामलों में निचली अदालतों के दृष्टिकोण को प्रभावित कर सकता है, जिससे यौन अपराध की जांच में वैवाहिक संदर्भ की अधिक विस्तृत जाँच की जाएगी। यह आईपीसी के ढांचे के साथ व्यक्तिगत अधिकारों की सुरक्षा के बीच संतुलन बनाने के निरंतर प्रयास को भी दर्शाता है।
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