📷 चित्र स्रोत: Flickr (CC)
राजनीति
मणिपुर में कुकि‑जो समुदाय पर आरोपित ब्लॉकएड के बाद COTU ने प्रतिबंध की चेतावनी दी
✍️ indiatodayne.in
🗓 10 सित. 2026, 04:18 AM
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COTU ने मणिपुर में कुकि‑जो समुदाय के खिलाफ लगाए गए कथित ब्लॉकएड के जवाब में प्रतिशोधात्मक प्रतिबंधों की चेतावनी दी है।
मणिपुर के मुख्य जनजातीय एकता समिति (COTU) ने गुरुवार को चेतावनी दी कि कुकि‑जो समुदाय के खिलाफ कथित ब्लॉकएड के जवाब में वह प्रतिबंधात्मक कदम उठा सकती है। इस बयान में बताया गया कि इस प्रकार की बाधा को सामुदायिक सौहार्द के लिए गंभीर उल्लंघन माना गया है।
स्थानीय स्रोतों के अनुसार, ब्लॉकएड कई गांवों में दर्ज किया गया जहाँ कुकि‑जो निवासी दैनिक कार्यों के लिए यात्रा करते हैं, परन्तु अधिकारियों ने अभी तक सटीक स्थान या जिम्मेदार पक्ष की पुष्टि नहीं की है। यह घटना राज्य में मौजूदा जातीय तनाव को और बढ़ा रही है, जहाँ पहले भी जनजातीय समूहों के बीच झड़पें हुई हैं।
COTU ने संभावित प्रतिबंधों के स्वरूप को स्पष्ट नहीं किया, परन्तु संकेत दिया कि यह उन क्षेत्रों में आवागमन, व्यापार या सार्वजनिक सेवाओं को प्रभावित कर सकता है जो इस ब्लॉकएड में शामिल माने जाते हैं। राज्य सरकार से इस मामले की जांच करने और शांति बनाए रखने की अपील की गई है, ताकि स्थिति बिगड़ न सके।
दोनों पक्षों के सामुदायिक नेताओं ने शांति बनाए रखने और निष्पक्ष जांच की मांग की है। यह चेतावनी मणिपुर में नाजुक शांति को उजागर करती है और आगे के सामुदायिक तनाव को रोकने के लिए संवाद की आवश्यकता पर बल देती है।
स्थानीय स्रोतों के अनुसार, ब्लॉकएड कई गांवों में दर्ज किया गया जहाँ कुकि‑जो निवासी दैनिक कार्यों के लिए यात्रा करते हैं, परन्तु अधिकारियों ने अभी तक सटीक स्थान या जिम्मेदार पक्ष की पुष्टि नहीं की है। यह घटना राज्य में मौजूदा जातीय तनाव को और बढ़ा रही है, जहाँ पहले भी जनजातीय समूहों के बीच झड़पें हुई हैं।
COTU ने संभावित प्रतिबंधों के स्वरूप को स्पष्ट नहीं किया, परन्तु संकेत दिया कि यह उन क्षेत्रों में आवागमन, व्यापार या सार्वजनिक सेवाओं को प्रभावित कर सकता है जो इस ब्लॉकएड में शामिल माने जाते हैं। राज्य सरकार से इस मामले की जांच करने और शांति बनाए रखने की अपील की गई है, ताकि स्थिति बिगड़ न सके।
दोनों पक्षों के सामुदायिक नेताओं ने शांति बनाए रखने और निष्पक्ष जांच की मांग की है। यह चेतावनी मणिपुर में नाजुक शांति को उजागर करती है और आगे के सामुदायिक तनाव को रोकने के लिए संवाद की आवश्यकता पर बल देती है।