📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Election Commission of India
राजनीति
उदयपुर में कांग्रेस ने पटवारी और कांस्टेबल पर वोट दबाव का आरोप
✍️ Amar Ujala · Udaipur
🗓 24 अक्टू. 2026, 12:00 PM
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कांग्रेस ने उदयपुर में एक पटवारी और कांस्टेबल पर मतदाताओं को धमकाकर भाजपा के पक्ष में वोट डालने का दबाव बनाने का आरोप लगाया है।
उदयपुर में कांग्रेस के नेताओं ने एक सरकारी पटवारी और एक पुलिस कांस्टेबल पर मतदाताओं को धमकाने और अभद्र टिप्पणी करने का आरोप लगाते हुए औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है, जिससे वे भाजपा के उम्मीदवार को वोट देने के लिए प्रेरित हो सकें। पार्टी का कहना है कि ये अधिकारी कई मतदान केंद्रों पर मतदाताओं को डराने‑धमकाने की रणनीति अपना रहे थे, जिससे चुनावी माहौल में भय का माहौल बन गया।
शिकायत के अनुसार, पटवारी ने मतदाताओं को बताया कि यदि वे भाजपा को समर्थन नहीं देते तो उन्हें प्रशासनिक दंड का सामना करना पड़ेगा, जबकि कांस्टेबल ने विरोधी समर्थकों को अपमानजनक भाषा में अपशब्द कहे। कांग्रेस के पास कई गवाहों की गवाही है और वे इस बात को चुनावी परिणाम को प्रभावित करने के इरादे से कर रहे हैं।
इन आरोपों को जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस को भेज दिया गया है, अभी तक किसी गिरफ्तारी की सूचना नहीं मिली है और आरोपित अधिकारियों ने सार्वजनिक रूप से कोई जवाब नहीं दिया है। चुनाव अधिकारियों ने कहा है कि मतदाता दबाव बनाना प्रतिनिधि लोगों के अधिनियम के तहत अवैध है और इसे कड़ी कार्रवाई के साथ निपटा जाएगा।
यह घटना राजस्थान में चुनावी दुराचार की कई शिकायतों में से एक है, जिससे आगामी मतदान से पहले मतदान केंद्रों की कड़ी निगरानी की मांग बढ़ रही है।
शिकायत के अनुसार, पटवारी ने मतदाताओं को बताया कि यदि वे भाजपा को समर्थन नहीं देते तो उन्हें प्रशासनिक दंड का सामना करना पड़ेगा, जबकि कांस्टेबल ने विरोधी समर्थकों को अपमानजनक भाषा में अपशब्द कहे। कांग्रेस के पास कई गवाहों की गवाही है और वे इस बात को चुनावी परिणाम को प्रभावित करने के इरादे से कर रहे हैं।
इन आरोपों को जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस को भेज दिया गया है, अभी तक किसी गिरफ्तारी की सूचना नहीं मिली है और आरोपित अधिकारियों ने सार्वजनिक रूप से कोई जवाब नहीं दिया है। चुनाव अधिकारियों ने कहा है कि मतदाता दबाव बनाना प्रतिनिधि लोगों के अधिनियम के तहत अवैध है और इसे कड़ी कार्रवाई के साथ निपटा जाएगा।
यह घटना राजस्थान में चुनावी दुराचार की कई शिकायतों में से एक है, जिससे आगामी मतदान से पहले मतदान केंद्रों की कड़ी निगरानी की मांग बढ़ रही है।