📷 चित्र स्रोत: Flickr (CC)
बिज़नेस
कम्पेटेरे प्रमुख ने चेतावनी: ई‑कॉमर्स में आंशिक एफडीआई खोलना बिना खोलने से भी बुरा
✍️ The Hindu
🗓 22 अग. 2026, 09:40 PM
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इंडस्ट्री बॉडी कम्पेटेरे के प्रमुख ने कहा कि ई‑कॉमर्स में सीमित विदेशी निवेश की अनुमति, बिना निवेश के रहने से भी अधिक नुकसानदायक हो सकती है।
नई दिल्ली – ई‑कॉमर्स क्षेत्र में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) के आंशिक खोलने के प्रस्ताव पर उद्योग समूह कम्पेटेरे ने तीखी आलोचना की है। समूह के प्रमुख ने कहा कि सीमित एफडीआई ढांचा घरेलू कंपनियों के लिए पूरी प्रतिबंध की तुलना में अधिक समस्याएँ पैदा कर सकता है।
हिंदुस्तान द्वारा रिपोर्ट किए गए बयानों में कम्पेटेरे के प्रमुख ने कहा कि आंशिक उदारीकरण से नियामक अस्पष्टता, असमान प्रतिस्पर्धा और भारतीय ई‑कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म की वृद्धि में बाधा आ सकती है। उन्होंने चेतावनी दी कि स्पष्ट, व्यापक नीति के बिना यह क्षेत्र “लगभग बुरा” परिणाम देख सकता है, जैसा कि पूरी विदेशी निवेश प्रतिबंध से भी हो सकता है।
यह बयान नीति निर्माताओं, ऑनलाइन रिटेलर्स और उपभोक्ता समूहों के बीच चल रहे बहस में नया आयाम जोड़ता है, जहाँ विदेशी पूँजी के प्रवाह और भारतीय ई‑कॉमर्स उद्यमों की सुरक्षा के बीच संतुलन खोजने की कोशिश की जा रही है। सरकार ने अभी तक नियमों को अंतिम रूप नहीं दिया है, परन्तु कम्पेटेरे के प्रमुख की टिप्पणी घरेलू हितधारकों की चिंताओं को उजागर करती है।
हिंदुस्तान द्वारा रिपोर्ट किए गए बयानों में कम्पेटेरे के प्रमुख ने कहा कि आंशिक उदारीकरण से नियामक अस्पष्टता, असमान प्रतिस्पर्धा और भारतीय ई‑कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म की वृद्धि में बाधा आ सकती है। उन्होंने चेतावनी दी कि स्पष्ट, व्यापक नीति के बिना यह क्षेत्र “लगभग बुरा” परिणाम देख सकता है, जैसा कि पूरी विदेशी निवेश प्रतिबंध से भी हो सकता है।
यह बयान नीति निर्माताओं, ऑनलाइन रिटेलर्स और उपभोक्ता समूहों के बीच चल रहे बहस में नया आयाम जोड़ता है, जहाँ विदेशी पूँजी के प्रवाह और भारतीय ई‑कॉमर्स उद्यमों की सुरक्षा के बीच संतुलन खोजने की कोशिश की जा रही है। सरकार ने अभी तक नियमों को अंतिम रूप नहीं दिया है, परन्तु कम्पेटेरे के प्रमुख की टिप्पणी घरेलू हितधारकों की चिंताओं को उजागर करती है।