📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / C Ajay Karthikeyan
मौसम
ओडिशा तट पर तेज़ी से बढ़ती समुद्र कटाव, समुदायों को खतरा
✍️ Kanak News Odisha
🗓 29 अग. 2026, 08:03 PM
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अधिकारियों का कहना है कि ओडिशा के तट पर समुद्र कटाव तेज़ी से बढ़ रहा है, जिससे गाँव और कृषि भूमि खतरे में हैं।
ओडिशा के पूर्वी तट पर समुद्र कटाव हाल के हफ्तों में तेज़ी से बढ़ा है, यह जानकारी राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने दी। समुद्र की रेखा कई मीटर पीछे हट गई है, जिससे तटीय गाँव और कृषि भूमि को नमकीन पानी का खतरा और आजीविका का नुकसान झेलना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि पारंपरिक मछली पकड़ने के बंदरगाह अब उपयोगी नहीं रहे और रेत के टीले धीरे‑धीरे गायब हो रहे हैं। प्रभावित क्षेत्रों के किसान देख रहे हैं कि खेतों में समुद्री पानी घुसने से फसलें बंजर हो रही हैं, जिससे खाद्य सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं।
राज्य सरकार ने आपातकालीन मूल्यांकन की घोषणा की है और अस्थायी बांध तथा रेत की भरपाई जैसी त्वरित उपायों की योजना बनाई है। साथ ही, जलवायु‑परिवर्तन से बढ़ते समुद्र स्तर को देखते हुए, दीर्घकालिक तटीय संरक्षण परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार से अतिरिक्त निधि की मांग की गई है।
पर्यावरण विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि निरंतर हस्तक्षेप न किए जाने पर कटाव और तेज़ हो सकता है, जिससे समुदायों का विस्थापन और तटीय पारिस्थितिकी तंत्र को अपरिवर्तनीय नुकसान हो सकता है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि पारंपरिक मछली पकड़ने के बंदरगाह अब उपयोगी नहीं रहे और रेत के टीले धीरे‑धीरे गायब हो रहे हैं। प्रभावित क्षेत्रों के किसान देख रहे हैं कि खेतों में समुद्री पानी घुसने से फसलें बंजर हो रही हैं, जिससे खाद्य सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं।
राज्य सरकार ने आपातकालीन मूल्यांकन की घोषणा की है और अस्थायी बांध तथा रेत की भरपाई जैसी त्वरित उपायों की योजना बनाई है। साथ ही, जलवायु‑परिवर्तन से बढ़ते समुद्र स्तर को देखते हुए, दीर्घकालिक तटीय संरक्षण परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार से अतिरिक्त निधि की मांग की गई है।
पर्यावरण विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि निरंतर हस्तक्षेप न किए जाने पर कटाव और तेज़ हो सकता है, जिससे समुदायों का विस्थापन और तटीय पारिस्थितिकी तंत्र को अपरिवर्तनीय नुकसान हो सकता है।