📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Giridhar Appaji Nag Y
बिज़नेस
कोयले की कमी से 1926 मेगावाट उत्पादन रुका, पंजाब के उद्योगों पर चार घंटे का बिजली कट
✍️ Amar Ujala · Patiala
🗓 07 सित. 2026, 09:22 AM
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कोयले की कमी के कारण पंजाब में 1926 मेगावाट उत्पादन बंद, जिससे उद्योगों को चार घंटे का बिजली कट मिला।
पंजाब के पावर ग्रिड को मंगलवार को कोयले की कमी के कारण 1,926 मेगावाट की उत्पादन क्षमता को रोकना पड़ा। पंजाब विद्युत विभाग ने बताया कि राज्य‑स्वामित्व वाले थर्मल प्लांटों में ईंधन की कमी के कारण यह कदम उठाया गया है, जिससे आपूर्ति‑और‑मांग का संतुलन बना रहे।
इस रोक से बड़े औद्योगिक उपभोक्ताओं को शाम के पीक समय में चार घंटे का नियोजित बिजली कट मिलेगा। यह नियोजित कट अनियंत्रित लोड‑शेडिंग को रोकने के लिए किया जा रहा है।
राज्य के अधिकारियों ने बताया कि कोयले की डिलीवरी राष्ट्रीय बंदरगाहों और रेल टर्मिनलों में लॉजिस्टिक बाधाओं के कारण देर हो रही है। वे अतिरिक्त कोयला लदान को तेज करने और वैकल्पिक ईंधन विकल्पों की तलाश करने के उपाय कर रहे हैं।
पिछले कुछ महीनों से पंजाब में बार‑बार बिजली की कमी देखी गई है, कई थर्मल प्लांट कम क्षमता पर चल रहे हैं। वर्तमान कटौती सप्लाई चेन में बाधा के कारण राज्य की पावर इन्फ्रास्ट्रक्चर की संवेदनशीलता को उजागर करती है।
विद्युत विभाग ने औद्योगिक उपयोगकर्ताओं से इस अवधि में ऊर्जा बचाने का अनुरोध किया है और आश्वासन दिया है कि कोयले की कमी दूर होते ही उत्पादन क्षमता पूरी तरह से बहाल कर दी जाएगी।
इस रोक से बड़े औद्योगिक उपभोक्ताओं को शाम के पीक समय में चार घंटे का नियोजित बिजली कट मिलेगा। यह नियोजित कट अनियंत्रित लोड‑शेडिंग को रोकने के लिए किया जा रहा है।
राज्य के अधिकारियों ने बताया कि कोयले की डिलीवरी राष्ट्रीय बंदरगाहों और रेल टर्मिनलों में लॉजिस्टिक बाधाओं के कारण देर हो रही है। वे अतिरिक्त कोयला लदान को तेज करने और वैकल्पिक ईंधन विकल्पों की तलाश करने के उपाय कर रहे हैं।
पिछले कुछ महीनों से पंजाब में बार‑बार बिजली की कमी देखी गई है, कई थर्मल प्लांट कम क्षमता पर चल रहे हैं। वर्तमान कटौती सप्लाई चेन में बाधा के कारण राज्य की पावर इन्फ्रास्ट्रक्चर की संवेदनशीलता को उजागर करती है।
विद्युत विभाग ने औद्योगिक उपयोगकर्ताओं से इस अवधि में ऊर्जा बचाने का अनुरोध किया है और आश्वासन दिया है कि कोयले की कमी दूर होते ही उत्पादन क्षमता पूरी तरह से बहाल कर दी जाएगी।