📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Michael Gäbler
राजनीति
सीएम विजय ने टीवीके को एआईएडीएमके के प्राकृतिक उत्तराधिकारी कहा, धरापुरम उम्मीदवार के पार्टी बदलने को समझाया
✍️ The Hindu
🗓 01 अक्टू. 2026, 02:17 PM
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तमिलनाडु के सीएम विजय ने टीवीके को एआईएडीएमके के वैध उत्तराधिकारी कहा और धरापुरम उम्मीदवार के हालिया पार्टी बदलने के कारणों को स्पष्ट किया।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने सार्वजनिक रूप से कहा कि टीवीके एआईएडीएमके के प्राकृतिक उत्तराधिकारी हैं, जिससे पार्टी की योजना इस अनुभवी नेता को अपने साथ जोड़ने की स्पष्ट हो गई। यह बयान पार्टी द्वारा आगामी चुनावों में टीवीके को उम्मीदवार बनाने के बाद एक प्रेस ब्रीफ़िंग में दिया गया।
टीवीके, जो एआईएडीएमके के दीर्घकालिक सदस्य रहे हैं, को उनके अनुभव और पार्टी के विचारधारा के साथ संगतता के कारण मुख्यमंत्री ने सराहा। उन्हें प्राकृतिक उत्तराधिकारी के रूप में स्थापित करके विजय एआईएडीएमके के मतदाता आधार को आगामी राज्य चुनावों में मजबूत करना चाहते हैं।
मुख्यमंत्री ने धरापुरम निर्वाचन क्षेत्र के उम्मीदवार के हालिया पार्टी बदलने पर भी टिप्पणी की। वह उम्मीदवार विरोधी दल से आकर विजय की पार्टी में शामिल हुआ है। विजय ने इस कदम को रणनीतिक पुनर्संरेखण बताया, यह कहते हुए कि उम्मीदवार विकास एजेंडा के प्रति प्रतिबद्ध है और टीवीके के नेतृत्व शैली के साथ मेल खाता है।
विश्लेषकों का मानना है कि टीवीके को समर्थन और धरापुरम उम्मीदवार को स्वीकार करना दक्षिणी जिलों में ruling coalition की संभावनाओं को बढ़ा सकता है, जहाँ एआईएडीएमके का प्रभाव हाल के वर्षों में घटता दिख रहा है।
टीवीके, जो एआईएडीएमके के दीर्घकालिक सदस्य रहे हैं, को उनके अनुभव और पार्टी के विचारधारा के साथ संगतता के कारण मुख्यमंत्री ने सराहा। उन्हें प्राकृतिक उत्तराधिकारी के रूप में स्थापित करके विजय एआईएडीएमके के मतदाता आधार को आगामी राज्य चुनावों में मजबूत करना चाहते हैं।
मुख्यमंत्री ने धरापुरम निर्वाचन क्षेत्र के उम्मीदवार के हालिया पार्टी बदलने पर भी टिप्पणी की। वह उम्मीदवार विरोधी दल से आकर विजय की पार्टी में शामिल हुआ है। विजय ने इस कदम को रणनीतिक पुनर्संरेखण बताया, यह कहते हुए कि उम्मीदवार विकास एजेंडा के प्रति प्रतिबद्ध है और टीवीके के नेतृत्व शैली के साथ मेल खाता है।
विश्लेषकों का मानना है कि टीवीके को समर्थन और धरापुरम उम्मीदवार को स्वीकार करना दक्षिणी जिलों में ruling coalition की संभावनाओं को बढ़ा सकता है, जहाँ एआईएडीएमके का प्रभाव हाल के वर्षों में घटता दिख रहा है।