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राजनीति
सीएम नवीनेन्द्र पट्नायक ने खनन‑खनिज बिल के लिए बीजेपी का समर्थन मांगा
✍️ Indian Express
🗓 29 अग. 2026, 05:42 PM
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ओडिशा के सीएम नवीनेन्द्र पट्नायक ने खनन‑खनिज बिल के लिये बीजेपी सांसदों से समर्थन माँगा।
ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीनेन्द्र पट्नायक ने कई भाजपा सांसदों के साथ बैठक की, ताकि वर्तमान में विधायी मंडल में चल रहे खनन‑खनिज बिल को पारित कराने के लिए उनका सहयोग प्राप्त किया जा सके। यह "पार‑पार्टी संपर्क" बिल से जुड़ी विपक्षी चिंताओं को दूर करने और पारित प्रक्रिया को सुगम बनाने के उद्देश्य से किया गया।
खनन‑खनिज बिल में राज्य की खनन नियमावली में व्यापक बदलाव प्रस्तावित हैं, जिससे निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ेगी और राज्य को अधिक राजस्व मिलेगा। समर्थकों का कहना है कि इससे निवेश आकर्षित होगा, खनन तकनीक में सुधार होगा और रोजगार सृजन होगा, जबकि आलोचक पर्यावरणीय सुरक्षा में कमी और छोटे खनिकों के हाशिए पर जाने की आशंका जताते हैं।
पट्नायक ने कहा कि बिल की सफलता के लिये दोनो दलों का समर्थन आवश्यक है, और भाजपा की संसद में मौजूद शक्ति आगामी मतदान में निर्णायक हो सकती है। भाजपा सांसदों ने भी पर्यावरण और स्थानीय समुदायों पर पड़ने वाले प्रभाव को ध्यान में रखते हुए संशोधनों को स्वीकार करने की इच्छा जताई, जिससे राजनीतिक विभाजन में एक असामान्य सहयोग का संकेत मिला।
इस संपर्क के परिणाम से विधायी समय‑सारिणी पर असर पड़ेगा, क्योंकि सरकार अगले विधानसभा सत्र में बिल को चर्चा के लिये पेश करने की उम्मीद कर रही है।
खनन‑खनिज बिल में राज्य की खनन नियमावली में व्यापक बदलाव प्रस्तावित हैं, जिससे निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ेगी और राज्य को अधिक राजस्व मिलेगा। समर्थकों का कहना है कि इससे निवेश आकर्षित होगा, खनन तकनीक में सुधार होगा और रोजगार सृजन होगा, जबकि आलोचक पर्यावरणीय सुरक्षा में कमी और छोटे खनिकों के हाशिए पर जाने की आशंका जताते हैं।
पट्नायक ने कहा कि बिल की सफलता के लिये दोनो दलों का समर्थन आवश्यक है, और भाजपा की संसद में मौजूद शक्ति आगामी मतदान में निर्णायक हो सकती है। भाजपा सांसदों ने भी पर्यावरण और स्थानीय समुदायों पर पड़ने वाले प्रभाव को ध्यान में रखते हुए संशोधनों को स्वीकार करने की इच्छा जताई, जिससे राजनीतिक विभाजन में एक असामान्य सहयोग का संकेत मिला।
इस संपर्क के परिणाम से विधायी समय‑सारिणी पर असर पड़ेगा, क्योंकि सरकार अगले विधानसभा सत्र में बिल को चर्चा के लिये पेश करने की उम्मीद कर रही है।