📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Nkansara
धर्म
इंदौर के पास जनापाव में परशुराम लोक का भूमिपूजन, सीएम मोहन यादव ने किया
✍️ Amar Ujala · Indore
🗓 04 सित. 2026, 09:32 PM
👁 37
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इंदौर से लगभग 40 किमी दूर जनापाव में महाकाल लोक की तर्ज पर विकसित होने वाले परशुराम लोक का भूमिपूजन किया।
राज्य सरकार ने इंदौर से लगभग 40 किलोमीटर दूर स्थित जनापाव में परशुराम लोक के निर्माण की योजना घोषित की है। महाकाल लोक की तर्ज पर तैयार किया जाने वाला यह विशाल सांस्कृतिक परिसर परशुराम की कथा को प्रस्तुत करेगा और धार्मिक यात्रियों को आकर्षित करेगा।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार को आधिकारिक तौर पर भूमिपूजन किया। अपने संक्षिप्त भाषण में उन्होंने इस परियोजना के सांस्कृतिक और आर्थिक लाभों पर प्रकाश डाला, जिससे स्थानीय रोजगार में वृद्धि और मध्य प्रदेश की विरासत को बढ़ावा मिलेगा।
परियोजना का कार्यान्वयन राज्य पर्यटन विभाग के अधीन होगा, जिसमें बुनियादी ढाँचा, बागवानी और आगंतुक सुविधाओं के लिए निधि आवंटित की गई है। अधिकारियों ने बताया कि यह दो चरणों में पूरा होगा और पहला चरण दो वर्षों के भीतर चालू हो सकता है।
स्थानीय लोग और तीर्थयात्री इस घोषणा का स्वागत कर रहे हैं, क्योंकि जनापाव पहले से ही अपनी पौराणिक महत्ता के कारण श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। परशुराम लोक मौजूदा आकर्षणों को पूरक करेगा और क्षेत्र को आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करेगा।
डिज़ाइन, बजट और समय‑सीमा से संबंधित अतिरिक्त जानकारी विभाग द्वारा निकट भविष्य में जारी की जाएगी।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार को आधिकारिक तौर पर भूमिपूजन किया। अपने संक्षिप्त भाषण में उन्होंने इस परियोजना के सांस्कृतिक और आर्थिक लाभों पर प्रकाश डाला, जिससे स्थानीय रोजगार में वृद्धि और मध्य प्रदेश की विरासत को बढ़ावा मिलेगा।
परियोजना का कार्यान्वयन राज्य पर्यटन विभाग के अधीन होगा, जिसमें बुनियादी ढाँचा, बागवानी और आगंतुक सुविधाओं के लिए निधि आवंटित की गई है। अधिकारियों ने बताया कि यह दो चरणों में पूरा होगा और पहला चरण दो वर्षों के भीतर चालू हो सकता है।
स्थानीय लोग और तीर्थयात्री इस घोषणा का स्वागत कर रहे हैं, क्योंकि जनापाव पहले से ही अपनी पौराणिक महत्ता के कारण श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। परशुराम लोक मौजूदा आकर्षणों को पूरक करेगा और क्षेत्र को आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करेगा।
डिज़ाइन, बजट और समय‑सीमा से संबंधित अतिरिक्त जानकारी विभाग द्वारा निकट भविष्य में जारी की जाएगी।