📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Pinakpani
शिक्षा
भोपाल में वर्ग‑3 शिक्षक अभ्यर्थियों ने मेरिट चयन के बावजूद नियुक्ति न मिलने पर विरोध किया
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 07 अक्टू. 2026, 05:31 PM
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परीक्षा पास कर मेरिट में चयनित शिक्षक अभ्यर्थियों ने भोपाल के बोर्ड ऑफिस चौराहे पर बैठकर नियुक्ति शुरू करने की मांग की।
एक समूह वर्ग‑3 शिक्षक अभ्यर्थियों ने, जिन्होंने राज्य स्तर की भर्ती परीक्षा पास कर मेरिट सूची में स्थान प्राप्त किया, भोपाल के बोर्ड कार्यालय चौराहे पर नियुक्ति में देरी के विरोध में प्रदर्शन किया। उन्होंने सड़क पर बैठकर थालियों की आवाज़ के साथ शांतिपूर्ण चक्काजाम किया, जिससे प्रशासनिक कार्रवाई में असंतोष स्पष्ट हुआ।
प्रदर्शन का पहला दिन शुरू होने के बाद यह तीसरे दिन तक जारी है, और अभ्यर्थी यह मांग कर रहे हैं कि नियुक्ति पत्र जारी कर उन्हें तुरंत स्कूलों में शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी पात्रता मानदंड पूरे करने के बाद उन्हें चयनित किया गया था, इसलिए पदों का आवंटन अनिवार्य है।
अब तक अधिकारियों ने कोई आधिकारिक जवाब नहीं दिया है, परन्तु इस शांतिपूर्ण आंदोलन से यह स्पष्ट होता है कि योग्य शिक्षकों को रोजगार मिलने में देरी से निराशा बढ़ रही है। अभ्यर्थी चाहते हैं कि शिक्षा विभाग मेरिट‑आधारित चयन को मान्य करते हुए नियुक्ति प्रक्रिया को शीघ्रता से पूरा करे।
प्रदर्शन में कोई हिंसा या गिरफ्तारी की रिपोर्ट नहीं है। उम्मीदवारों ने स्कूलों में खाली शिक्षक पदों को भरने और शैक्षणिक कार्यक्रमों को सामान्य रखने के लिए त्वरित समाधान की मांग की है।
स्थानीय मीडिया और शिक्षा विभाग इस स्थिति को करीब से देख रहे हैं और निकट भविष्य में इस मुद्दे को सुलझाने की उम्मीद है।
प्रदर्शन का पहला दिन शुरू होने के बाद यह तीसरे दिन तक जारी है, और अभ्यर्थी यह मांग कर रहे हैं कि नियुक्ति पत्र जारी कर उन्हें तुरंत स्कूलों में शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी पात्रता मानदंड पूरे करने के बाद उन्हें चयनित किया गया था, इसलिए पदों का आवंटन अनिवार्य है।
अब तक अधिकारियों ने कोई आधिकारिक जवाब नहीं दिया है, परन्तु इस शांतिपूर्ण आंदोलन से यह स्पष्ट होता है कि योग्य शिक्षकों को रोजगार मिलने में देरी से निराशा बढ़ रही है। अभ्यर्थी चाहते हैं कि शिक्षा विभाग मेरिट‑आधारित चयन को मान्य करते हुए नियुक्ति प्रक्रिया को शीघ्रता से पूरा करे।
प्रदर्शन में कोई हिंसा या गिरफ्तारी की रिपोर्ट नहीं है। उम्मीदवारों ने स्कूलों में खाली शिक्षक पदों को भरने और शैक्षणिक कार्यक्रमों को सामान्य रखने के लिए त्वरित समाधान की मांग की है।
स्थानीय मीडिया और शिक्षा विभाग इस स्थिति को करीब से देख रहे हैं और निकट भविष्य में इस मुद्दे को सुलझाने की उम्मीद है।