📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Supreme Court of India
राजनीति
सीजेआई सूर्यकांत ने कहा: न्याय केवल अदालत तक पहुँच नहीं, अधिकारों का लाभ भी सुनिश्चित करे
✍️ Live Law
🗓 03 नव. 2026, 01:32 PM
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भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि न्याय केवल अदालत तक पहुँच तक सीमित नहीं, बल्कि नागरिकों को उनके संवैधानिक अधिकारों का लाभ भी सुनिश्चित करना चाहिए।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने हाल ही में एक कानूनी मंच पर कहा कि न्यायपालिका का काम केवल लोगों को अदालत में पेश होने का अधिकार देना नहीं है। उन्होंने कहा कि न्याय का असली अर्थ संविधान द्वारा दिये गये अधिकारों का वास्तविक लाभ देना होना चाहिए।
सीजेआई ने बताया कि कई बार न्यायालय के अनुकूल फैसले मिलने के बाद भी नागरिकों को उन फैसलों के कार्यान्वयन में बाधाओं का सामना करना पड़ता है, जिससे उनका अधिकार अधूरा रह जाता है। उन्होंने आदेशों के त्वरित और निष्पक्ष कार्यान्वयन के लिए ठोस तंत्र की आवश्यकता पर बल दिया।
सूर्यकांत ने न्यायपालिका, कार्यपालिका और नागरिक समाज के बीच समन्वय की अपील की, ताकि न्याय के शब्दों को वास्तविकता में बदला जा सके। उन्होंने नीति निर्माताओं से अनुरोध किया कि वे कार्यान्वयन ढांचों को सुदृढ़ करें और लोगों में कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाएँ, ताकि न्याय हर भारतीय के लिए साकार हो सके।
सीजेआई ने बताया कि कई बार न्यायालय के अनुकूल फैसले मिलने के बाद भी नागरिकों को उन फैसलों के कार्यान्वयन में बाधाओं का सामना करना पड़ता है, जिससे उनका अधिकार अधूरा रह जाता है। उन्होंने आदेशों के त्वरित और निष्पक्ष कार्यान्वयन के लिए ठोस तंत्र की आवश्यकता पर बल दिया।
सूर्यकांत ने न्यायपालिका, कार्यपालिका और नागरिक समाज के बीच समन्वय की अपील की, ताकि न्याय के शब्दों को वास्तविकता में बदला जा सके। उन्होंने नीति निर्माताओं से अनुरोध किया कि वे कार्यान्वयन ढांचों को सुदृढ़ करें और लोगों में कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाएँ, ताकि न्याय हर भारतीय के लिए साकार हो सके।