📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Nuclear Regulatory Commission
राजनीति
नागरिकों ने सड़कों पर “नो एनआरसी, नो जनगणना” का नारा लगाया
✍️ The Sangai Express
🗓 07 सित. 2026, 09:33 AM
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प्रदर्शकों ने सड़कों में “नो एनआरसी, नो जनगणना” का नारा लगाते हुए राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) और आगामी जनगणना के विरोध को उजागर किया।
विभिन्न सड़कों पर प्रदर्शनकारियों ने “नो एनआरसी, नो जनगणना” का नारा लगाते हुए अपनी असहमति व्यक्त की। यह नारा गूँजते हुए सरकार के राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) और आगामी जनगणना के प्रस्तावों पर सार्वजनिक चिंता को उजागर करता है।
प्रदर्शन के आयोजकों ने इसे पारदर्शिता और नागरिक अधिकारों की सुरक्षा के लिए एक मांग बताया, यह तर्क देते हुए कि एनआरसी और जनगणना प्रक्रियाएँ पहचान सत्यापन और संसाधन वितरण पर गहरा असर डाल सकती हैं।
अधिकारियों की कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं मिलने के बावजूद, भीड़ की उपस्थिति इस बात का संकेत देती है कि इन पहलों के प्रति कुछ वर्गों में प्रतिरोध की भावना बढ़ रही है।
प्रदर्शन कई घंटे तक जारी रहा, जिसमें भागीदारों ने नीतिनिर्माताओं से इन प्रस्तावों को पुनर्विचार करने या व्यापक सहमति तक रोकने का आग्रह किया।
विश्लेषकों ने कहा कि यह नारा राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे बहस को दर्शाता है, जहाँ अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह की चिंताएँ व्यक्त की जा रही हैं।
प्रदर्शन के आयोजकों ने इसे पारदर्शिता और नागरिक अधिकारों की सुरक्षा के लिए एक मांग बताया, यह तर्क देते हुए कि एनआरसी और जनगणना प्रक्रियाएँ पहचान सत्यापन और संसाधन वितरण पर गहरा असर डाल सकती हैं।
अधिकारियों की कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं मिलने के बावजूद, भीड़ की उपस्थिति इस बात का संकेत देती है कि इन पहलों के प्रति कुछ वर्गों में प्रतिरोध की भावना बढ़ रही है।
प्रदर्शन कई घंटे तक जारी रहा, जिसमें भागीदारों ने नीतिनिर्माताओं से इन प्रस्तावों को पुनर्विचार करने या व्यापक सहमति तक रोकने का आग्रह किया।
विश्लेषकों ने कहा कि यह नारा राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे बहस को दर्शाता है, जहाँ अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह की चिंताएँ व्यक्त की जा रही हैं।