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28 अक्टू. 2026•
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सिटी इंस्टीट्यूट रिपोर्ट में अधिकांश कंपनियां अभी भी एआई अन्वेषण चरण में
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Commerce and Industry (India)
बिज़नेस

सिटी इंस्टीट्यूट रिपोर्ट में अधिकांश कंपनियां अभी भी एआई अन्वेषण चरण में

✍️ Asianet Newsable 🗓 28 अक्टू. 2026, 09:03 AM 👁 21
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सिटी इंस्टीट्यूट के नए अध्ययन से पता चलता है कि अधिकांश कंपनियां अभी भी कृत्रिम बुद्धिमत्ता को अपनाने के प्रारंभिक चरण में हैं, जिससे विभिन्न क्षेत्रों में सतर्क अपनाना स्पष्ट होता है।

सिटी इंस्टीट्यूट ने इस सप्ताह एक रिपोर्ट जारी की, जिसमें बताया गया है कि अधिकांश कंपनियां अभी भी कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के प्रारंभिक अन्वेषण चरण में हैं। जबकि विश्व स्तर पर एआई अपनाने की गति तेज़ हुई है, अध्ययन से पता चलता है कि कई भारतीय कंपनियां अभी भी उपयोग मामलों का मूल्यांकन, पायलट प्रोजेक्ट्स के लिए बजट निर्धारण और आंतरिक विशेषज्ञता निर्माण में लगी हुई हैं, इससे पहले कि वे बड़े पैमाने पर कार्यान्वयन का निर्णय लें।

रिपोर्ट ने विभिन्न उद्योगों, जैसे विनिर्माण और सेवा क्षेत्र, का सर्वेक्षण किया और पाया कि केवल एक छोटा हिस्सा प्रूफ़‑ऑफ़‑कॉन्सेप्ट प्रोजेक्ट्स से आगे बढ़कर पूर्ण एकीकरण तक पहुंचा है। विश्लेषकों का मानना है कि डेटा गोपनीयता, कुशल मानव संसाधन की कमी और स्पष्ट ROI मापदंडों की आवश्यकता जैसी चिंताओं के कारण कंपनियां सतर्क रह रही हैं।

भौगोलिक अंतर भी स्पष्ट है; मुंबई और बेंगलुरु जैसे बड़े मेट्रो शहरों में कंपनियों की तैयारी थोड़ी अधिक है, परंतु इन क्षेत्रों में भी अधिकांश कंपनियां अभी योजना या पायलट चरण में ही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सरकारी पहल और प्रशिक्षण कार्यक्रम एआई अपनाने की गति बढ़ा सकते हैं, पर वर्तमान परिदृश्य एक क्रमिक और सतत् अपनाने की दिशा दर्शाता है।

हितधारकों को सलाह दी जाती है कि वे मजबूत डेटा गवर्नेंस ढांचा बनाएं और कर्मचारियों को अपस्किल करें, ताकि जब एआई प्रोजेक्ट्स बड़े पैमाने पर चलें, तो वे स्थायी मूल्य प्रदान कर सकें। रिपोर्ट इस बात पर प्रकाश डालती है कि भारत में एआई क्रांति अभी प्रारंभिक चरण में है, लेकिन यह धीरे‑धीरे आगे बढ़ रही है।
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