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11 अक्टू. 2026•
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चिन्मय पण्ड्या: जातियों में बंटने से देश कमजोर, एकता से भारत का उभार
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bollywood Hungama
देश

चिन्मय पण्ड्या: जातियों में बंटने से देश कमजोर, एकता से भारत का उभार

✍️ Amar Ujala · Delhi 🗓 11 अक्टू. 2026, 12:31 AM 👁 18
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चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि जातियों में बंटन से भारत कमजोर हो रहा है और एकजुटता से भारतीय अस्मिता व संभावनाओं का जागरण होगा।

दिल्ली, 10 अक्टूबर (अमर उजाला) – राजधानी में एक सार्वजनिक मंच पर बोलते हुए चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि जातियों में बंटन से देश की ताकत कमज़ोर हो जाती है और यह वैश्विक मंच पर भारत को कमजोर बनाता है। उन्होंने बताया कि इस तरह का विभाजन सामूहिक प्रगति में बाधा डालता है।

पण्ड्या ने कहा कि भारत का पुनरुत्थान उसकी आध्यात्मिक विरासत पर आधारित सामूहिक पहचान से जुड़ा है। वह मानते हैं कि जिस दिन भारत अपनी सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों को जागरूक करेगा, वही दिन विश्व भी भारत की नई दिशा को देखेगा।

उन्होंने तुरंत एकजुटता को बढ़ावा देने की अपील की, राजनीतिक नेताओं, नागरिक समाज और जनता से जाति‑राजनीति से ऊपर उठकर देश के विकास के लिए मिलकर काम करने का आग्रह किया। पण्ड्या ने कहा कि केवल एकता से ही भारत अपनी आर्थिक और भू‑राजनीतिक संभावनाओं को पूरी तरह से साकार कर सकता है।

इन टिप्पणियों का समय सामाजिक समानता और सामाजिक सामंजस्य पर चल रही बहस के बीच आया है, जिससे नीति‑निर्माण में सांस्कृतिक पहलू को भी महत्व मिला है। विश्लेषकों ने कहा कि पण्ड्या का एकता का आह्वान राष्ट्रीय समावेशी विकास के व्यापक विचारधारा के साथ मेल खाता है।

अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है, परन्तु इन बयानों का सामाजिक सुधार और राष्ट्रीय रणनीति पर आगामी चर्चाओं को प्रभावित करने की संभावना है।
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