📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bollywood Hungama
राजनीति
मुख्य न्यायाधीश आशुतोष रंका और टीम को गुवाहाटी में हिरासत में
✍️ The Times of India
🗓 27 सित. 2026, 01:32 PM
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आशुतोष रंका, जिन्हें CJP कहा गया, और उनकी टीम को गुवाहाटी में हिरासत में लिया गया, क्योंकि स्कूल की वास्तविक स्थिति उजागर करने वाले रिपोर्ट को लेकर असम के मुख्यमंत्री को असहज महसूस हो रहा है।
आशुतोष रंका, जिन्हें एक प्रमुख संस्था के मुख्य न्यायाधीश (CJP) के रूप में बताया गया है, को गुवाहाटी में पुलिस ने गिरफ्तार किया और उनकी टीम के कई सदस्यों को भी हिरासत में ले लिया। यह कार्रवाई बुधवार की सुबह की गई और सभी को स्थानीय थाने में पूछताछ के लिये ले जाया गया।
सूत्रों के अनुसार, इस हिरासत का कारण रंका की टीम द्वारा असम के स्कूलों की वास्तविक स्थिति पर एक विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार करना था, जिसमें सरकार की शिक्षा नीतियों को नकारात्मक रूप में दिखाया गया है।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा है कि ऐसी रिपोर्ट उनके प्रशासन की छवि को नुकसान पहुँचा सकती है। पुलिस ने मामले की जाँच जारी रहने के कारण कोई विस्तृत टिप्पणी नहीं की।
कानूनी विशेषज्ञों ने इस बात पर चिंता जताई है कि मुख्य न्यायाधीश जैसे वरिष्ठ व्यक्ति को हिरासत में लेना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और जांच कार्य के संचालन पर प्रश्न उठाता है। यह मुद्दा नागरिक समाज और विपक्षी दलों की बढ़ती जांच का विषय बन सकता है।
हिरासत में लिये गये व्यक्तियों को आगे की कानूनी कार्यवाही के लिये जमानत नहीं दी गई है और अभी तक कोई औपचारिक आरोप नहीं लगाए गये हैं।
सूत्रों के अनुसार, इस हिरासत का कारण रंका की टीम द्वारा असम के स्कूलों की वास्तविक स्थिति पर एक विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार करना था, जिसमें सरकार की शिक्षा नीतियों को नकारात्मक रूप में दिखाया गया है।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा है कि ऐसी रिपोर्ट उनके प्रशासन की छवि को नुकसान पहुँचा सकती है। पुलिस ने मामले की जाँच जारी रहने के कारण कोई विस्तृत टिप्पणी नहीं की।
कानूनी विशेषज्ञों ने इस बात पर चिंता जताई है कि मुख्य न्यायाधीश जैसे वरिष्ठ व्यक्ति को हिरासत में लेना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और जांच कार्य के संचालन पर प्रश्न उठाता है। यह मुद्दा नागरिक समाज और विपक्षी दलों की बढ़ती जांच का विषय बन सकता है।
हिरासत में लिये गये व्यक्तियों को आगे की कानूनी कार्यवाही के लिये जमानत नहीं दी गई है और अभी तक कोई औपचारिक आरोप नहीं लगाए गये हैं।